भोपाल.
भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में आईटी पार्क बनाने का मामला शुक्रवार को एक कदम और आगे बढ़ गया। पार्क निर्माण के लिए आई चार कंपनियों से प्री -क्वालीफिकेशन आफर बुलाने के साथ ही कंसेशन एग्रीमेंट को मंजूरी दे दी गई।
ये फैसला मुख्य सचिव राकेश साहनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव आईएम चहल एवं सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अनुराग जैन समेत अन्य महकमों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे। बैठक में अपर सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी अनुराग श्रीवास्तव ने कंसेशन एग्रीमेंट का प्रस्तुतिकरण किया। इस दस्तावेज को सभी ने काफी पसंद किया और इसे अन्य विभागों को भी भेजने का निर्णय लिया गया।
क्या है एग्रीमेंट में
जानकारी के अनुसार इस इस एग्रीमेंट में बताया गया है कि कंस्ट्रक्शन कंपनियों को जमीन लाइसेंस पर दी जाएगी। इसके बाद कंपनियां इस भूमि पर आईटी पार्क बनाकर उसके स्पेस को देश-विदेश की ख्यातिप्राप्त कंपनियों को बेच या किराए पर दे सकेंगी। इसके लिए सरकार और कंपनियों के बीच होने वाले अनुबंध की शर्ते सहित दोनों के अधिकार, दायित्व और पैनाल्टी के बारे में बताया गया। अब इन कंपनियों के आला अफसरों की राज्य के बिजली बोर्ड, नगर निगम, नगर तथा ग्राम निवेश,प्रदूषण नियंत्रण मंडल,पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न अनुमतियां प्रदान की जाएंगी।
कौन सी कंपनियां आई
प्रदेश में आईटी पार्क बनाने के लिए डीएलएफ, एल एंड टी, यूनिटेक और विपुल कंस्ट्रक्शन कंपनी आगे आई हैं। जिनसे अब प्री-क्वालीफिकेशन आफर बुलाए जाएंगे। इसमें चयनित कंपनियों को टेंडर के आधार पर आईटी पार्क बनाने का काम सौंपा जाएगा। प्री-क्वालीफिकेशन में पात्र पाई गई कंपनियों को फाइनल बिड में बुलाया जाएगा। टेंडर मंजूर होने के छह माह के अंदर कंपनियों को वित्तीय लेखाबंदी करना होगी।
कहां कितनी जमीन
आईटी पार्क के लिए भोपाल में विमानतल के पास बड़वई में 212 एकड़,जबलपुर के पूर्वा में 96 एकड़ और ग्वालियर में गंगा मालनपुर के पास 40 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इनमें से सबसे ज्यादा 20 लाख वर्गफुट क्षेत्र में निर्माण भोपाल आईटी पार्क में किया जाएगा। ग्वालियर और जबलपुर में 10-10 लाख वर्गफुट क्षेत्र में निर्माण होगा।
कैसे मिलेगी जगह
चुनिंदा कंपनियों को आईटी पार्क बनाने का काम सौंपा जाएगा। फिर ये कंपनियां पार्क का निर्माण कर उसमें निर्मित जगह बेचेंगी। पार्क में अधोसंरचना विकास के साथ ही होटल,आवास अन्य बुनियादी सुविधाएं और दैनिक उपयोग के सामान मुहैया कराने के लिए शापिंग काम्पलेक्स बनाए जाएंगे।
खास बातें
चार कंपनियों से निविदाएं बुलाई जाएंगी।
कंपनियां ही परिसर बनाकर बेचेंगी।
पार्क के भीतर ही कंप्यूटर इंजीनियरों के रहने खाने की व्यवस्था होगी।