कोटा.
रामगंजमंडी विधायक प्रहलाद गुंजल आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने झालरापाटन से लड़ेंगे। उधर, परिसीमन के बाद कई नए चुनावी समीकरण भी सामने आने की संभावनाएं बन गई हैं। गुंजल ने कहा कि उनका वास्ता अब भाजपा से तो रहा नहीं, इसलिए वे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने चुनाव लड़ेंगे। यह मेरे एजेंडे में शामिल है।
विधानसभा सीटों का परिसीमन नहीं होता है तो भी वे मुख्यमंत्री के सामने झालरपाटन से ही चुनाव लड़ेंगे। यदि मुख्यमंत्री हाडोती में सीट बदलती हैं तो भी वे उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे।
>> वहीं से चुनाव लड़ूंगा, जहां से पार्टी कहेगी। पार्टी नहीं कहेगी तो नहीं लड़ूंगा। मेरी कोई प्राथमिकता नहीं है।
—ओम बिरला, संसदीय सचिव
>> मेरी प्राथमिकता लाडपुरा विधानसभा सीट है। परिसीमन होता है तो भी, नहीं होता है तो भी। इसके बाद पार्टी का निर्णय भी मान्य होगा।
—पूनम गोयल, पूर्व विधायक
>> कार्यकर्ताओं की चाहत के आधार पर निर्णय होगा। वैसे मेरी प्राथमिकता लाडपुरा है। परिसीमन से रामगंजमंडी तो आरक्षित सीट हो जाएगी।
—रामकिशन वर्मा, पूर्व विधायक
>> परिसीमन होने के बाद प्राथमिकता कोटा उत्तर ही रहेगी। वैसे पार्टी हाईकमान जो भी आदेश देगी, वह मान्य होगा।
—शांति धारीवाल, पूर्व मंत्री
परिसीमन हुआ तो
विधानसभा सीटों का यदि परिसीमन होता है तो कई दिग्गज आमने-सामने होने से बच जाएंगे। इसमें रामगंजमंडी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाएगी। ऐसी स्थिति में यहां के विधायक प्रहलाद गुंजल व कांग्रेस के प्रत्याशी रहे रामकिशन वर्मा को सीट बदलनी होगी। परिसीमन की स्थिति में कोटा विधानसभा सीट दो भागों में विभाजित हो जाएगी।
इसके साथ ही दीगोद विधानसभा सीट सांगोद में बदल जाएगी। कोटा उत्तर से कांग्रेस के शांति धारीवाल ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। उनके मुकाबले में उतरने वाले ओम बिरला को कोटा दक्षिण का दावेदार माना जा रहा है।
हालांकि, उन्होंने इसके प्रति अभी कोई रुचि नहीं दिखाई है। लाडपुरा विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक संसदीय सचिव भवानीसिंह राजावत दावेदार हैं। उन्हें इस सीट पर कांग्रेस की ओर से दो दावेदार रामकिशन वर्मा व पूनम गोयल के होने का लाभ मिल सकता है।
>> परिसीमन हो या नहीं। मेरी इच्छा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने चुनाव लड़ने की है। वे झालरापाटन से खड़ी हों या अन्य जगह से, मैं उनके सामने चुनावी मैदान में अवश्य उतरूंगा।
—प्रहलाद गुंजल, विधायक
>> मेरी प्राथमिकता लाडपुरा रहेगी। सीट बदलने का कोई इरादा नहीं है। हां, पार्टी यदि प्रत्याशी बदलती है तो अलग बात है।
—भवानीसिंह राजावत संसदीय सचिव