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Shekhawati Shekhawati झुंझुनूं.
आर्थिक नीति और सुधार परिषद के उपाध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा, स्वामी राघवाचार्य, महामंडलेश्वर सच्चिदानंद ने कलश यात्रा को रवाना किया। शहरवासियों ने श्रद्धा के इस सैलाब का जगह-जगह फूलों की पंखुड़ियों से स्वागत किया।
हजारों नर-नारियों की भीड़ स्व: अनुशासन से प्रेरित थी। दो किमी लंबी कलश यात्रा का एक छोर मल्टीपरपज स्कूल के पास था तो अंतिम छोर नेहरू पार्क को छू रहा था। कलश यात्रा के रास्ते में पग-पग पर तोरणद्वार सजे थे और छतों से फूलों की बरसाए जा रहे थे।
कलश यात्रा करीब एक बजे शहीद पार्क से रवाना हुई और यज्ञशाला में प्रवेश दो बजे करीब हुआ। पर उसका अंतिम छोर पहुंचा तब तक पौने तीन बजे थे। कलश यात्रा के आगे आगे सजे-धजे श्वेत अश्व छतर और अश्वमेध ध्वज लेकर चल रहे थे। शिव, भारत माता, दांडी यात्रा सहित करीब दर्जनभर झांकियां कलश यात्रा में शामिल थीं। कलश यात्रियों के लिए लोगों ने जगह-जगह जल की व्यवस्था की।
कई संगठनों और समाजों की ओर से स्वागत द्वार सजाए गए थे। कलश यात्रा के समापन से पूर्व कलश देव की आरती हुई। यज्ञ आयोजक गायत्री जन कल्याण केंद्र(पश्चिम बंगाल) के ट्रस्टियों और मुख्य यजमान केके सिंघानियां, प्रभुदयाल बरवाड़िया, दयानंद चौधरी, संयोजक करणसिंह राठौड़, अशोकसिंह बड़ागांव आदि ने कलश यात्रा में आए साधु-संतों और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया।
महामंडलेश्वर सच्चिदानंदजी, स्वामी बस्तीनाथ, शक्ति उपासक बिल्डवान सहित यज्ञ में सेवा सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं सुमनकंवर बाबरा, वल्लभकंवर, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष रमेश टीबड़ा, सीओ स्काउट मानमहेंद्रसिंह भाटी गजराजसिंह आदि को शाल, श्रीफल और सम्मान चिह्न् भेंट किए गए।
महायज्ञ में मारवाड़ी युवा मंच, ब्राrाण महासभा, विश्व हिंदू परिषद सहित कई संगठन सहयोग कर रहे हैं। स्काउट-गाइड्स का सहयोग अतुलनीय रहा। रविवार से यज्ञशाला में सुबह साढ़े आठ बजे देव पूजन के साथ ही हवन शुरू हो जाएगा। यज्ञ वेदियों पर बैठने वाले यजमानों को समय पर आने को कहा गया है।