HomeNewsMetrosChandigarh Chandigarh

बादल कौन होते हैं प्रपोजल देने वाले!

चंडीगढ़. चंडीगढ़ इंटरनैशनल एयरपोर्ट के मुद्दे पर पंजाब व हरियाणा की राजनीति गरमा गई है। इन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री तो आपस में भिड़ ही गए हैं, इनेलो सांसद अजय सिंह चौटाला की बयानों के दंगल में कूद पड़े हैं। वहीं, कांग्रेसी विधायक जस्सी खंगूड़ा ने किसानों के मुआवजे को लेकर बादल से सवाल किए हैं।

शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जब यह पूछा गया कि पंजाब ने एयरपोर्ट में हिस्सेदारी के लिए प्रपोजल दिया था तो हरियाणा ने क्यों इनकार कर दिया था? ..तो हुड्डा ने पलटकर सवाल दाग दिए- ‘बादल कौन होते हैं प्रपोजल देने वाले? मैं कहूं कि मोहाली मेरे नाम कर दें, तो क्या बादल कर देंगे? मैं कहूं कि एसवाईएल नहर बनवा दो, तो क्या वे बनवा देंगे? चंडीगढ़ एयरपोर्ट को इंटरनैशनल दर्जा देने का काम केंद्र को करना है।

ऐसे में हरियाणा को कोई प्रपोजल नागरिक उड्डयन मंत्रालय से ही आनी चाहिए, बादल की तरफ से नहीं।’वहीं, चौटाला का कहना है, ‘चंडीगढ़ में बनने वाले एयरपोर्ट के लिए हरियाणा क्यों करोड़ों रुपए लगाने को तैयार हो गया है, यह समझ से परे है।

हरियाणा को उसी सूरत में निर्माण का खर्च उठाना चाहिए था, जब एयरपोर्ट हरियाणा के किसी क्षेत्र में बन रहा हो।’ चौटाला के इस ऐतराज पर हुड्डा ने कहा, ‘सब जानते हैं कि बादल की शह पर कौन क्या कह रहा है? चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है और इसमें हरियाणा-पंजाब की साझेदारी होनी चाहिए। इस बारे में हम प्रधानमंत्री को पहले ही चिट्ठी लिख चुके हैं, लेकिन विज्ञापनों में चंडीगढ़ की जगह मोहाली एयरपोर्ट छपा देखकर हैरानी जरूर हुई।’

इस मुद्दे पर पंजाब से कांग्रेसी विधायक जस्सी खंगूड़ा का कहना है कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण बाजार भाव पर किया जाए और मुआवजे के तौर पर उन्हें इस प्रोजैक्ट में दस फीसदी हिस्सेदारी दी जाए।’ बादल को लिखे एक पत्र में खंगूड़ा ने कहा है कि जमीन के अधिग्रहण से किसान करोड़पति तो हो जाएंगे, लेकिन जमीन उनके पास रहती तो आगे चलकर उनका भविष्य ज्यादा सुनहरा होता।

इस लड़ाई में हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री रणदीप सुरजेवाला भी कूद पड़े हैं। उनका कहना है, ‘हरियाणा का अगला लक्ष्य दिल्ली के निकट अपनी सीमा में एक इंटरनैशनल एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए केंद्र से मंजूरी लेने का है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अपना हक लेने के साथ ही हरियाणा ने न केवल चंडीगढ़ पर अपने दावे को मजबूत किया है, बल्कि हिंदी भाषी क्षेत्रों तथा जल संबंधी दावों पर भी हक जताया है।’





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: