जालंधर . सीआईए स्टाफ ने शनिवार को गुरु रविदास चौक से जाली करंसी रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया है। घर में ही नोट छापने वाले सरताज सिंह से पुलिस ने 1.44 लाख की जाली करंसी, कंप्यूटर, सीपीयू और स्कैनर जब्त किया है। सरताज सिंह जाली करंसी के मामले में करीब 1 माह पहले जमानत पर छूटकर आया था।
गौरतलब है कि सरताज सिंह को कुछ साल पहले एक एनआरआई की सुपारी लेकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था। थाना छह में मिट्ठापुर रोड स्थित पंजाबी बाग निवासी सरताज सिंह उर्फ आशू पुत्र पूर्ण सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली नोट छापने, चलाने का केस दर्ज किया गया है।
जाली नोट चलाने जा रहा था
एसएसपी अर्पित शुक्ला ने डीएसपी (डी) रघुबीर सिंह संधू को सूचना मिली थी कि जाली करंसी चलाने के लिए सरताज शहर में आया हुआ है। सीआईए स्टाफ के इंचार्ज हरिंदर सिंह और एएसआई रविंदर सिंह ने गुरु रविदास चौक में नाकाबंदी के दौरान आ रही इंडिका कार (नं. पीबी08-एजे-0463)को रोककर चैकिंग की तो उस में से जाली करंसी निकली। सरताज ने कहा कि वह तैयारी जाली नोट चलाने के बाजार में आया था।
घर में स्कैन करता था नोट
सरताज ने पूछताछ में बताया कि वह घर में ही जाली नोट कंप्यूटर पर स्कैन करता था। आरोपी के कब्जे से 500-500 के 254 नोट और 100-100 के 178 स्कैन किए जाली नोट मिले हैं। 500 के जाली नोट पर एक ही नंबर था, जबकि 100 के नोटों पर अलग-अलग नंबर थे।
कड़की दूर करने के लिए धंधा
पेशे से ड्राइवर सरताज ने प्राथमिक पूछताछ में स्वीकार किया कि करीब एक महीने पहले वह जमानत पर छूटा था। जमानत पर भी अच्छा-खासा खर्चा हुआ था। उसने लोन लेकर कंपूयटर सैट खरीदा और जाली नोट तैयार किए। उसका कहना था कि वह जाली नोट का धंधा कर अपनी कड़की दूर करना चाहता था। थाना चार के प्रभारी विभोर कुमार ने 16 सितंबर को सरताज और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने सरताज, उसके साथी आदमपुर के गांव चूम्मु निवासी हरमेश सिंह और आदमपुर के जवाहर नगर निवासी राकेश कुमार से 36 हजार 300 रुपए की जाली करंसी, कम्प्यूटर, प्रिंटर, आधे छपे जाली नोट और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे।