नई दिल्ली.यदि केंद्र सरकार की योजना परवान चढ़ी तो आने वाले पांच वर्षो में देश में एक अत्याधुनिक व हाईटेक ‘क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम’ और ‘क्राइम एंड पनिशमेंट ट्रैकिंग सिस्टम’ काम करते नजर आएंगे। इससे थाने में एक बार पहुंचे हर अपराधी के फिंगर प्रिंट, डीएनए और रेटीनल इमेज जैसी सभी जानकारी कंप्यूटर में कैद होगी।
इसके चलते देशभर में महज एक क्लिक से कहीं भी उसकी इन बायोमैट्रिक पहचानों का मिलान किया जा सकेगा। 11वीं पंचवर्षीय योजना में केंद्र इन दोनोंे योजनाओं को अमलीजामा पहनाना चाहता है।
केंद्र ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे अपने यहां ‘क्राइम एंड पनिशमैंट ट्रैकिंग सिस्टम’ के लिए एक समन्वित पोर्टल शुरू करे। इन दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए केंद्र ने 11वीं पंचवर्षीय योजना में दो हजार करोड़ रुपए की राशि रखी है।
हाईटैक क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले बेहद अत्याधुनिक उपकरणों को जिला मुख्यालयों से संचालित किया जाएगा।
कैसा होगा क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम
इस सिस्टम के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों से जुड़े बायोमैट्रिक डाटा हर समय उपलब्ध हो सकेंगे। योजना के अनुसार किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी के समय ही अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों की सहायता से उसके फिंगर प्रिंट से लेकर पहचान के अन्य सभी चिन्हों को संबंधित पुलिस स्टेशन में सुरक्षित कर लिया जाएगा। एक शक्तिशाली सर्च इंजन से देशभर में उन फिंगर प्रिंट्स के मिलान की सुविधा उपलब्ध होगी, जो इस डाटाबेस में सुरक्षित होंगे।
क्राइम एंड पनिशमैंट ट्रैकिंग सिस्टमकेंद्र की योजना है कि सभी राज्य सरकारें अपने यहां अपराध और दंड की पूरी प्रक्रिया के लिए एक इंटीग्रेटेड पोर्टल स्थापित करें। केंद्र की वित्तीय सहायता से स्थापित होने वाले इस पोर्टल के जरिए अपराध पकड़ में आने से लेकर इसकी जांच-पड़ताल तथा अदालती कार्रवाई सहित न्यायिक फैसले तक की समूची प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकेगी।