नई दिल्ली प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सुझाव के आधार पर दक्षिण एशियाई देशों की एक यूनिवर्सिटी दिल्ली में निर्माणाधीन है। यूनिवर्सिटी से जुड़ी इकाइयां दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सदस्य देशों में स्थापित की जाएंगी।
2009 तक कैंपस दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी (एसएयू) का कैंपस 2009 तक तैयार हो जाएगा और 2010 तक यूनिवर्सिटी काम करने लग जाएगी। इसमें मानव, सामाजिक और प्राकृतिक विज्ञान संबंधी पाठ्यक्रमों के अलावा क्षेत्रीय एकीकरण और सार्क देशों की सांस्कृतिक समानता संबंधी कोर्स भी होंगे।
मिलकर उठाएंगे खर्च
अत्याधुनिक सुविधाओं वाली इस यूनिवर्सिटी को अमेरिका की आईवी लीग यूनिवर्सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। दीर्घकालीन व्यय सार्क के सभी देश मिलकर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल भारत ने आधारभूत ढांचे के निर्माण का पूरा खर्च उठाने का वचन दिया है।
सीईओ भी तय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कृषि वैज्ञानिक एम स्वामीनाथन की अध्यक्षता और सार्क देशों के विशेषज्ञों वाली सर्च कमेटी ने यूनिवर्सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में एक भारतीय अधिकारी का चुनाव कर लिया है।