कोलकाता. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने रविवार को विवादास्पद बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के मामले में कहा है कि अपनी किताब द्विखंडिता के जरिए देश के मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने के लिए उन्हें हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल के मालदा में मीडिया से बात करते हुए दासमुंशी ने कहा कि भारत अनेक धर्मो का देश है और सभी का सम्मान होता है। मुझे साहित्य पसंद है और उनके लेखन से मुझे कोई तकलीफ नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप एक या किसी भी धर्म अपमान में कुछ लिखें।
दासमुंशी ने कहा कि नसरीन ने जो आपत्तिजनक बातें अपनी किताब में लिखी हैं उनके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए और अपनी किताब से वह हिस्सा हटाना चाहिए। इससे पहले द सैटेनिक वर्सेस पर विवाद होने पर हमने सलमान रश्दी के प्रति भी यही रवैया अपनाया था और नसरीन भी कोई अपवाद नहीं हैं।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में एक गुमनाम स्थान पर रह रहीं नसरीन के पश्चिम बंगाल लौटने के बारे में दासमुंशी ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए इतना ही कहा कि राज्य सरकार जब उन्हें इजाजत दे देगी और उनकी इच्छा होगी तो ऐसा हो सकता है। दासमुंशी ने यह भी साफ किया कि अगर नसरीन को भारत में रहना है तो वे राष्ट्र की भावना और सम्मान को समझते हुए ही बर्ताव करें।