इंदौर. उज्जैन के प्रो. सभरवाल हत्याकांड के आरोपी विमल तोमर को रविवार शाम एम वाय अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसे फिर जेल भेज दिया गया। इसके साथ बीमारी के बहाने जमानत लेने के उसके प्रयास भी ठंडे पड़ गए। उसे स्वस्थ होने और पांचवी मंजिल तक फटाफट चढ़ जाने का मुद्दा 'भास्कर' ने रविवार को प्रमुखता से उठाया था।
तोमर को पिछले हफ्ते सीने में दर्द की शिकायत के बाद उज्जैन जेल से एमवायएच भेजा गया था। वहां उसका इलाज आईसीसीयू में चल रहा था। सूत्रों के अनुसार भर्ती होने के बमुश्किल तीन दिन बाद ही उसकी हालत सामान्य हो गई थी लेकिन डिस्चार्ज नहीं किया गया। इस बीच एमवायएच निरीक्षण के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी उससे मिलने पहुंचे। इस मुद्दे पर भी काफी बवाल मचा।
शनिवार को मेडिकल बोर्ड ने जांच की तो सारी रिपोर्ट नार्मल पाई र्गइ। फिर भी उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया। रविवार को यह मुद्दा 'भास्कर' में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद उसे डिस्चार्ज किया गया। प्रभारी अधीक्षक डॉ. वी.एस. भाटिया ने इसकी पुष्टि की है।
गंभीर मरीज को किया डिस्चार्ज
एमवायएच में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मेडिसिन डिपार्टमेंट में गंभीर मरीजों को डिस्चार्ज करने की बात पर खासा हंगामा हुआ। शिकायत मिलने पर जांच के लिए पहुंचे प्राध्यापक को सीनियर डॉक्टर नदारद मिले। हालांकि सीनियरों की शिकायत करने के बावजूद हालात नहीं बदले और सुबह फिर कमोबेश यही नजारा था।
रात बारह बजे के आसपास मेडिसिन डिर्पाटमेंट में भर्ती कुछ मरीजों के डिस्चार्ज पेपर बना दिए जाने से उनके परिजन ने हंगामा किया। इनमें कुछ मरीज गंभीर थे। बावजूद इसके इन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा था। इस पर परिजन ने आपत्ति ली उनका कहना था यदि डिस्चार्ज करना ही था तो दिन में किया जाता आधी रात को क्यों कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर डॉ. अरुण विश्नार वहां पहुंचे तो और गड़बड़ी देखने को मिली।
द्वितीय व तृतीय वर्ष के चार-पांच डॉक्टर (पीजी के छात्र) नदारद थे और काम प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टरों ने संभाल रखा था। डॉ. विश्नार के पहुंचते ही उनमें हड़कम्प मच गया। कुछ लोगों ने मोबाइल से नदारद साथियों को बुलाने की कोशिश की तो उन्होंने उनके फोन ले लिए। रात को ही नदारद डॉक्टरों को फटकार लगाई तथा प्रभारी डीन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक वाजपेयी को सूचित किया। हालांकि इसका कोई असर नजर नहीं आया।
रविवार सुबह आठ-साढ़े आठ बजे जब डॉ. वी.पी. पांडे हॉस्पिटल पहुंचे तब भी कुछ डॉक्टर नदारद थे। इस बारे में डॉ. विश्नार ने बताया मैं रुटिन चेक के लिए गया था, तब यह बात सामने आई। डीन को अवगत करा दिया गया है। सोमवार को रिपोर्ट करेंगे। डॉ. पांडे का कहना है सभी डॉक्टर नदारद नहीं थे। ड्यूटी बदलने का समय था। इस वजह से कुछ नए डॉक्टर्स के आने से पहले चले गए।