इंदौर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की आश्वासनों पर यकीन करें तो एक महीने के भीतर इंदौर मास्टर प्लान-2021 के क्रियान्यवयन के लिए अगल से एजेंसी बनाई जाएगी। इसके पास ही मास्टर प्लान को अमल में लाने के सर्वाधिकार सुरक्षित रहेंगे। रविवार को भोपाल में मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद सांसद सुमित्रा महाजन ने इस बात की पुष्टि की।
मास्टर प्लान लागू होने के बाद से ही विशेषज्ञों और शहर विकास से जुड़ी संस्थाओं द्वारा लगातार मास्टर प्लान के क्रियान्वयन के लिए 'मेट्रोपॉलिटन अथोरिटी' बनाने की मांग उठाई जा रही है। यही मांग लेकर श्रीमती सुमित्रा महाजन मुख्यमंत्री और आवास एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया से भोपाल में मिली। दोनों के बीच लगभग एक घंटे तक शहर से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हुई। श्रीमती महाजन ने कहा कि सरकार विभिन्न शहरों में कार्य कर रही ऐसी दक्ष एजेंसियों का अध्ययन करे और मास्टर प्लान के क्रियान्वयन के लिए चुना जाए।
इस बात पर भी चर्चा हुई कि आईडीए के मौजूदा स्वरूप को भी वृहद आकार दिया जाना चाहिए। बताया जाता है कि दोनों नेताओं के बीच भाजपा के कार्यकर्ताओं के आक्रोश के चलते कलेक्टर विवेक अग्रवाल के तबादले पर भी चर्चा हुई।
रेल सुविधाओं के लिए सरकार पहल करें
श्रीमती महाजन ने मुख्यमंत्री से कहा कि आने वाले रेल बजट में मध्यप्रदेश को ज्यादा से ज्याद फायदा मिले इसके लिए राज्य सरकार को पहल करना चाहिए। मक्सी गोधरा, ललितपुर सिंगरोली जैसी नई लाइनों के साथ ही इंदौर-खंडवा ट्रैक को ब्रॉड गेज में बदलने को लेकर भी केंद्र से बात करें। यही नहीं मुख्यमंत्री की अगवाई में मध्यप्रदेश के सासंद रेल मंत्री से मिले और आग्रह करे कि नए बजट में प्रदेश के हितों को अनदेखा नहीं किया जाए।