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विज्ञान को गांवों तक पहुंचाने की तैयारी

ग्वालियर. ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई सहित सात महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की मदद से विकास व अध्ययन किया जाएगा। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में देश के प्रसिद्ध पांच वैज्ञानिकों के नाम से फेलोशिप शुरू की गई हैं। परिषद के महानिदेशक एवं मध्यप्रदेश सरकार के वैज्ञानिक महेश शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का सामान्य जन के बीच प्रचार एवं संचार करने के लिए शुरू की गई सीवी रमन फेलोशिप जीवाजी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व वैज्ञानिक डा.आरआर दास को प्रदान करने के संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

डा.दास ने बताया कि ग्रामीण अंचल में 'एरिया स्टडीज', 'डेमोग्राफी स्टडीज', 'स्टडी आफ स्टेट्स आफ लिटरेसी एंड साइंटिफिक एवेयरनेस', 'हेल्थ एंड हाइजीन', 'एप्रोप्रिएट रूरल टेक्नोलाजीज', 'एप्रोप्रिएट रूरल इन्डस्ट्रीलाइजेशन' व 'रूरल मैनेजमेंट' के अंतर्गत अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के साथ ही एक या दो गांव रोल माडल बनाए जाएंगे ताकि उनको देखकर शेष गांवों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग कर विकास हो सके।

डा.दास ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से खेती, पशुओं व फसल का बीमा, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग, गांवों में स्वच्छता व सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ शिक्षा व पेयजल सहित सभी उपयोगी जानकारी व सुविधाओं का लाभ ग्रामीणों को मिले, इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इस फेलोशिप के अंतर्गत छह लाख रुपए प्रतिवर्ष व अधिकतम पांच लाख रुपए प्रतिवर्ष रिसर्च अनुदान दिया जाएगा। यह फेलोशिप पांच वर्ष के लिए स्वीकृत की गई है।





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