जयपुर. पिछले चार-पांच दिन से पड़ रहे पाले के कारण जयपुर, करौली व दौसा जिलों में करीब एक करोड़ रुपए की सब्जियों की फसल खराब होने का अनुमान है। सरसों को भी दस से बीस फीसदी नुकसान हुआ है। जयपुर जिले के बस्सी इलाके में यह नुकसान सबसे ज्यादा है। यहां से टमाटर, बैंगन व मिर्ची की पैदावार की जयपुर शहर में काफी खपत है। इससे सब्जियों की कीमत में वृद्धि होने की संभावना है।
हालांकि, कृषि निदेशालय को अभी तक किसी भी जिले से नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि बारानी सब्जियों व सरसों में नुकसान हुआ है। बस्सी क्षेत्र में करीब 450 हेक्टेयर में मुख्य रूप से टमाटर, बैंगन, मिर्ची की फसल लगभग आधी खराब हो गई है, जिसकी कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई है। इसके अलावा करीब 400 हेक्टेयर में सरसों की फसल को 20 से 25 फीसदी नुकसान आंका गया है।
कृषि विभाग ने उच्चधिकारियों को पाले से हुए नुकसान की रिपोर्ट भेज दी है। एसडीएम के निर्देश पर गिरदावरी भी की जा रही है। गढ़ गांव के किसान कजोड़मल शर्मा ने बताया कि सब्जियों की फसल ही किसानों का सहारा थी, जो पाले से नष्ट हो गई हैं।करौली जिले में हिंडौन व नादौती क्षेत्र में पाले से करीब पचास लाख की सब्जियों को नुकसान होने की आशंका है। करीब 15 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल को मामूली नुकसान बताया जा रहा है।
कृषि अधिकारी रामलाल जाट ने सब्जियों को नुकसान की पुष्टि की है। सवाई माधोपुर जिले में पाले से आंशिक नुकसान हुआ है। कृषि अनुसंधान अधिकारी (उद्यान) लखपत लाल मीणा के अनुसार नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। दौसा जिले में सब्जियों को बीस फीसदी नुकसान का अनुमान है। सरसों की भी 10 प्रतिशत फसल खराब होने की आशंका है।
पाले का प्रभाव
पाले से सबसे ज्यादा नुकसान बैंगन, टमाटर, मटर, मिर्च, गोभी आदि के पौधों को होता है। सरसों, चने तथा पपीता व नींबू आदि पर भी असर पड़ता है। कृषि उप निदेशक अतरसिंह मीणा के अनुसार तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री गिर जाए, रात में बंद रहे और आसमान साफ रहे तो पाला पड़ने की आशंका रहती है।
बचाव ऐसे करें
किसान फसलों में सिंचाई करें। रात में उत्तर-पश्चिमी मेड़ पर कूड़ा-कचरा जलाकर धुंआ करें। पौधशाला में उत्तर-पश्चिमी दिशा में हवारोधी टाटी लगाएं। दक्षिण-पूर्वी द्वार खुला रखें। इसके अलावा एक लीटर गंधक का तेजाब एक हजार लीटर पानी में मिलाकर फसलों पर छिड़काव करें।
रबी फसलों की बुआई
सरसों
23 लाख 38 हजार हेक्टेयर
गेहूं
21 लाख 95 हजार हे.
जौ
3 लाख 2 हजार हे.
चना
12 लाख 84 हजार हे.
कुल
69 लाख 98 हजार हेक्टेयर
बादलों का असर:
लगातार बादल छाए रहने से जीरे में छाज्या रोग व सरसों में सफेद रोली लगने की आशंका रहती है। कृषि अधिकारियों की सलाह पर रासायनिक दवाइयों से इन पर नियंत्रण पाया जा सकता है।