जयपुर.
राजस्थान में भाजपा अध्यक्ष पद पर ओम माथुर की नियुक्ति को लेकर उठा विवाद रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के घर हुई बैठक के बाद समाप्त हो गया। बैठक से निकलने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने माथुर की नियुक्ति को सार्वजनिक रुप से स्वीकृति दी और समूचे विवाद को मीडिया की उपज बताया। माथुर भी खुश नजर आए और उन्होंने कहा वसुंधरा मौजूदा ही नहीं राजस्थान की भावी मुख्यमंत्री भी हैं।
भास्कर से बातचीत में उन्होंने वसुंधरा के नेतृत्व पर किसी तरह के विवाद को नकारते हुए कहा कि वसुंधरा वर्तमान मुख्यमंत्री तो हैं ही वे भावी मुख्यमंत्री भी हैं। लेकिन इन सबके बीच माथुर के टाइम मांगने के बाद भी आडवाणी से उनकी मुलाकात न हो पाने पर कयासों को एक बार फिर जगह मिल गई।
बताया गया कि आडवाणी किसी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए थे और इसी के चलते वे माथुर से नहीं मिल सके। माथुर ने आडवाणी से मिलने का समय मांगा तो पहले बताया गया कि वे दो बजे तक वापस आ जाएंगे,तब मुलाकात संभव हो पाएगी। लेकिन उसके बाद कोई जबाब नहीं आया।
शेखावत,राजनाथ और जसवंत ने थपथपाई पीठ
फिलहाल माथुर की राजनाथ सिंह,भैरोसिंह शेखावत और जसवंत सिंह से दिल्ली में मुलाकात हुई और तीनों नेताओं ने उन्हें संगठन को अपने मुताबिक चलाने में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया। माथुर ने सभी को साथ लेकर चलने की बात की और भास्कर से कहा कि बीता ताहि बिसार दे।राजनाथ से वे दो बार मिले।
पहली बार उनकी अकेले में बात हुई और दुबारा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,सौदान सिंह,संगठन मंत्री प्रकाश चन्द्र की मौजूदगी में विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में तय किया गया कि संगठन औा सरकार दोनों एक दूसरे को अहमियत देते हुए चुनावी साल में साझा रुप से आगे बढ़ेंगे। असंतुष्टों को भी साथ लेकर चलने का संकेत दिया गया।