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कब होंगे काम पूरे!

अजमेर. शहर की शान बढ़ाने के लिए जोर-शोर से शुरू किए गए काम गणतंत्र दिवस से पहले पूरे होने के आसार दिनोंदिन घटते जा रहे हैं। इसकी वजह है काम के लंबे-चौड़े दायरे के बावजूद सुस्त रफ्तार। सबकुछ समय पर पूरा कराने की आपा-धापी, काम की गुणवत्ता पर पहले ही सवालिया निशान लगा चुकी है।

इधर, प्रशासन ने प्रदेशस्तरीय समारोह के दूसरे दिन यानी 25 जनवरी को विकास कार्र्यो के लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास का संभावित कार्यक्रम तय कर लिया है। इसमें प्रमुख रूप से बजरंगगढ़ सर्किल, तोपदड़ा में सेन्ट्रलाइज किचन और वैम्बे योजना के तहत कोटड़ा में बनाए गए आवास शामिल हैं। ‘भास्कर’ ने लिया इन कामों के ताजा हालात का जायजा।

बजरंगगढ़ सर्किल

सौंदर्यन के काम का दायरा 15 लाख से बढ़ा कर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। विभागीय तालमेल के अभाव में टेलीफोन केबल पांच दिन बाद भी नहीं हट पाई है। नतीजतन, डिवाइडर निर्माण का काम अटक गया है। काम पूरा नहीं होने की आशंका के मद्देनजर यूआइटी प्रशासन सर्किल से एनसीसी दफ्तर तक दीवार बनाने की योजना पहले ही टाल चुका है। रोड चौड़ा करने के लिए जेएलएन अस्पताल की दीवार तोड़ने से भी काम का दायरा बढ़ा है। केसरबाग पुलिस चौकी और सुभाष उद्यान के द्वार के आगे की दीवार हटा कर सर्किल की चौड़ाई बढ़ाने का काम फिलहाल शुरू नहीं हो पाया है।

सेन्ट्रलाइज किचन

मिड-ड-मील का पोषाहार एक स्थान पर पकाने के लिए तोपदड़ा में 35 लाख रुपए की लागत से सेन्ट्रलाइज किचन बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा होने आसार कम हैं। फिलहाल दीवारों पर प्लास्टर किया जा रहा है। छत का अभी तक अता-पता नहीं है। दूसरी ओर नंदी फाउंडेशन ने किचन के लिए उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए हैं।

वैम्बे योजना..

वैम्बे योजना के आवासों की लॉटरी निकालना भी सीएम के प्रस्तावित कार्यक्रमों में शामिल है। कोटड़ा में 50 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे 104 आवासों का सीएम को अवलोकन कराया जा सकता है। लेकिन कोटड़ा में अभी तक पचास से अधिक आवास का काम अधूरा पड़ा है। योजना के तहत नाका मदार में 126 और हरिभाऊ विस्तार योजना क्षेत्र में 160 आवास पहले बन चुके हैं। केसरबाग चौकी की दीवार हटाने का काम अभी योजना में शामिल नहीं किया है। बजरंगगढ़ सर्किल का सौंदर्यन, छतरी निर्माण और कोटड़ा में वैम्बे योजना के आवासों का काम रात-दिन श्रमिक लगा कर पूरा कराया जाएगा। किचन का ढांचा बनाने की जिम्मेदारी हमारी है। परिसर में सड़क और उपकरण संबंधी काम जिला परिषद कराएगी।-टी. सी. डाबी एक्सइएन निर्माण विभाग

सेन्ट्रलाइज किचन का काम जारी है। पोषाहार बनाने के उपकरण नंदी फाउंडेशन को मुहैया कराने हैं। कलेक्टर ने संस्था की प्रभारी को उपकरण समय पर लगाने के निर्देश दिए हैं। - जस्साराम चौधरी, सीइओ जिला परिषद





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