अजमेर. गल्र्स पॉलीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में बदइंतजामियों को लेकर छात्राएं भड़क गई हैं। उन्होंने रविवार को प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तकनीकी शिक्षा निदेशक को मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम नहीं किए जाने की शिकायत भेजी है। माखुपुरा स्थित कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का कहना है कि पानी, टेलीफोन, सफाई और मेस में पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं।
छात्राओं का कहना है कि जब वे सर्दियों की छुट्टियों के बाद वापस लौटी तो मेस में सिलेंडर नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य सीएस माथुर से सिलेंडर मांगा तो उन्होंने चार सौ रुपए देने को कहा। जब छात्राओं ने इनकार कर दिया तो प्राचार्य के परिजनों ने उनके साथ र्दुव्यहार किया। छात्राओं का आरोप है, कि उन्हें चूल्हे पर भी खाना नहीं बनाने दिया गया।
छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में पेयजल और सफाई का इंतजाम भी नहीं है। सफाई कर्मचारी को पैसा देकर काम करवाना पड़ रहा है। हॉस्टल में टेलीफोन भी नहीं है। जब वे प्राचार्य के घर टेलीफोन करने जाती हैं, तो उनसे 4 रुपए किराया वसूला जाता है। छात्राओं द्वारा मेस संचालित करने के बावजूद प्रशासन उनसे बची हुई राशि वसूल रहा है।
दो दिन से भूखी!
छात्राओं का आरोप है, कि सिलेंडर नहीं होने की वजह से वे खाना नहीं बना सकी। इसके चलते उन्हें दो दिन से भूखा रहना पड़ रहा है, मगर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की है।
सवाल
-छात्राओं ने हॉस्टल में बदइंतजामी की शिकायतें की हैं।
माथुर
- कॉलेज ने हॉस्टल के लिए तीन सिलेंडर, बर्तन और आवश्यक सामान दिया हुआ है।
सवाल
-फोन, पानी, सफाई की व्यवस्था नहीं है?
माथुर
-वैसे तो कॉलेज में फोन है, लेकिन हमने हॉस्टल में इंटरकॉम लगवा रखा है। पर्याप्त पानी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त है। घर पर मेरा पर्सनल फोन लगा हुआ है।
सवाल
-छात्राओं ने बदसलूकी का आरोप लगाया है?
माथुर
-मैं दो दिन जयपुर था। अपने घर के लिए आज सिलेंडर मंगवाया। छात्राओं के भूखा रहने, र्दुव्यहार और खाना नहीं बनाने देने की शिकायत निराधार है। छात्राओं ने मुझे कहीं बाहर खाना खाने की जानकारी दी है।
सवाल
-मेस कॉलेज क्यों नहीं चलाता?
माथुर
-मैंने कई बार छात्राओं से कहा, लेकिन वे तैयार नहीं हैं। खुद ही तीन-चार सौ रुपए में मेस चलाना चाहती हैं। सामान का हिसाब-किताब भी वही देखती हैं। इसमें कॉलेज का कोई दखल नहीं है।