बीकानेर.
गुपचुप काटी जा रही बिजली सोमवार से घोषित रूप से काटी जाएगी। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सोमवार से संभागीय मुख्यालयों पर तीन-तीन घंटे की विद्युत कटौती करने का फैसला किया है। यह कटौती दोपहर एक से शाम छह बजे तक की जाएगी। जानकारी के अनुसार विद्युत उत्पादन काफी कम होने की वजह से राजस्थान की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से गड़बड़ा गई थी।
मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण राजस्थान ने दूसरे राज्यों से बिजली लेने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिलने पर यह फैसला किया गया है। हालांकि निगम अधिकारियों ने शनिवार से ही इस संबंध में सरकार से सहमति लेने के प्रयास किए थे लेकिन सरकार ने लगातार इंकार ही किया। हालांकि इस बीच निगम ने शहरी क्षेत्र में कटौती करनी शुरू भी कर दी थी।
शाम को इस संबंध में सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद कटौती का शिड्यूल फाइनल कर दिया गया। निगम के संभागीय मुख्य अभियंता बी.डी.मालू ने बताया कि संभागीय मुख्यालय पर तीन घंटे की बिजली की कटौती होगी। जिला मुख्यालयों पर चार घंटे और पांच हजार से अधिक आबादी के गांव और कस्बों में पांच घंटे बिजली काटी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिजली की उपलब्धता कम है लेकिन किसानों को चाहिए कि वे रात के ब्लॉक में अधिक से अधिक बिजली का उपयोग करे। रात को पांच घंटे के ब्लॉक में बिजली की उपलब्धता अधिक है लेकिन इस बिजली का दोहन नहीं किया जा रहा है। एक-दो दिन में बिजली की उपलब्धता में सुधार आने की संभावना है।
इस तरह काटी जाएगी बिजली
संभागीय मुख्यालय होने के कारण बीकानेर में तीन घंटे की विद्युत कटौती लागू की जाएगी। निगम के अधिशासी अभियंता हवासिंह ने बताया कि बीकानेर शहर को दो भागों में बांटकर तीन-तीन घंटे की बिजली काटी जाएगी। हवासिंह ने बताया कि सुबह 12 से तीन बजे के बीच आधे शहर की बिजली काटी जाएगी।
जयनारायण व्यास कॉलोनी, नवल सागर, शादरूल गंज, खतूरिया कॉलोनी, तिलक नगर, शिवबाड़ी, उदासर, रिडमलसर, रायसर, भीनासर, गंगाशहर, रानीबाजार, मुक्ताप्रसाद कॉलोनी, मोहता सराय, नत्थूसर, उस्ताबारी, बीछवाल, खारा, रानीबाजार, करणीनगर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसी तरह दो से पांच बजे के बीच मेन सब-स्टेशन, फड़बाजार, गिन्नाणी, सुभाषपुरा, इंदिरा कॉलोनी, डेयरी, इंदिरा गांधी नहर परियोजना कॉलोनी, गांधीनगर, सुदर्शन नगर, कृषि विश्वविद्यालय, पवनपुरी, जेलवेल, कोटगेट, शादरुल कॉलोनी, मोडर्न मार्केट, केईएम रोड, आंबेडकर सर्किल, डीआरएम ऑफिस, पीबीएम अस्पताल, सेटेलाइट, जस्सूसर, गोशाला क्षेत्र, मुरलीधरव्यास नगर आदि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
कोहरे में हो जाती है ट्रिप
विद्युत उत्पादन इकाइयां ठप होने के कारण जहां बिजली की उपलब्धता में कमी आई है वहीं बढ़ती ठंड का भी असर रहा है। जानकारों का कहना है कि कोहरे की वजह से बड़ी-बड़ी लाइनें ट्रिप हो जाती हैं और बाद में कई घंटों तक लाइनें चालू नहीं होती। ट्रिप हुई लाइनों के ठीक होने के बाद ही वापस बिजली की आपूर्ति शुरू होती है।
रुकी हुई आपूर्ति शुरू होने से फ्रिक्वेंसी कम हो जाती है। ठंड के हर मौसम में इस तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस बार विद्युत उत्पादन इकाइयों के ठप होने से ज्यादा असर देखने को मिला है।
कृषि के लिए तय नहीं
शहरी क्षेत्र में बिजली की कटौती का फैसला कृषि कुओं पर बिजली की आपूर्ति सुचारु करने के लिए किया गया माना जा रहा है। अभी गेहूं और चने की फसल को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है। पहले से ही किसानों का आरोप है कि सरकार अपने वादे के अनुरूप आठ घंटे के लिए बिजली नहीं दे रही है।
विद्युत निगम भी इस बात को मान रहा है कि कृषि कुओं को छह घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल रही है और उत्पादन ठप होने के कारण साढ़े तीन घंटे भी नहीं मिल रही है। अगर इसी तरह बिजली मिलती रही तो किसान नाराज हो जाएगा।
निगम के स्तर पर इस तरह का प्रस्ताव था कि शहरी क्षेत्र में कटौती शुरू की जाए तो उपलब्ध बिजली से ही कृषि कुओं पर बिजली दी जा सकती है। हालांकि शहरी क्षेत्र में बिजली की कटौती लागू करने के साथ ही कृषि कनेक्शनों को पूरी बिजली देने की बात नहीं कही गई है।
अधिकारियों का यही कहना है कि कटौती की वजह मांग और आपूर्ति के बीच बने अंतर को दूर करना है। पहले उपलब्ध बिजली के आधार पर वितरण की नीति बनाई जाएगी।