जोधपुर.
शहर को सोमवार से सड़क सुरक्षा सप्ताह में ट्रैफिक नियमों की पालना के प्रति सचेत करने जा रही ट्रैफिक पुलिस के अफसर और सिपाही तक पूरे ट्रैफिक सिग्नल से वाकिफ नहीं है। हेलमेट नहीं पहनने या कार में सीट बैल्ट नहीं लगाने जैसे आम नियमों को तोड़ने वालों के चालान काटकर खानापूर्ति करने वाली ट्रैफिक पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट के प्रचलित प्रावधानों को छोड़ दें तो उन नियमों को भी नहीं जानती, जो आमतौर पर शहर के यातायात को सुचारू रखने के लिए जरूरी है।
सड़क सुरक्षा सप्ताह शुरू होने की पूर्व संध्या पर रविवार को भास्कर टीम ने शहर के महत्वपूर्ण चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जब ट्रैफिक सिग्नल दिखाए और उसका मतलब पूछा तो अधिकांश जवाब ही नहीं दे पाए।
पावटा, रेलवे स्टेशन, बोम्बे मोटर चौराहा तथा 12 वीं रोड पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के सिपाही, एएसआई तथा एसआई स्तर के अधिकारियों ने अधिकांश जवाब या तो गलत दिए या फिर यह कह कर टाल दिए कि उनकी पोस्टिंग तो यातायात विंग में अभी-अभी हुई है।
पावटा चौराहा
यहां तैनात तीन-चार ट्रैफिक सिपाहियों से जब ट्रैफिक सिग्नल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधे कहा कि हमारे अफसरों से पूछो, हम तो आदेश की पालना करते हैं। वहां तैनात सब इन्स्पेक्टर स्तर के अधिकारी ने उनसे पूछे गए नौ ट्रैफिक सिग्नल में चार सही, दो आधे गलत व तीन बिल्कुल ही गलत मतलब बताए।
रेलवे स्टेशन
ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने कहा-ट्रैफिक सिग्नल के बारे में हमें ट्रेनिंग नही मिली। पहले चौकी पर, बाद में लाइन में, ट्रैफिक में अभी-अभी पोस्टिंग हुई हैं। एक अन्य महिलाकर्मी तैनात हैं, वह होमगार्ड से आई है। ट्रेनिंग मिले बिना हम आपके सवालों का सही जवाब दे भी तो कैसे?
बॉम्बे मोटर चौराहा
बॉम्बे मोटर चौराहा पर तैनात एक मात्र ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने भी लगभग वही जवाब दिया जैसा रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े सिपाही ने दिया। उसने अलबत्ता चार में से दो जवाब सही दिए जबकि अन्य सिग्नल के बारे में उसने अनभिज्ञता जताते हुए इस संबंध में ट्रेनिंग नहीं मिलने की बात कही।
बारहवीं रोड
तीन-चार ट्रैफिक सिपाहियों तथा एक एएसआई ने कहा कि हम तो यहां जनता की मदद के लिए खड़े हैं। ट्रैफिक सिंग्नल की बात अधिकारियों से पूछें।