जोधपुर. सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन के लिए 12 करोड़ 47 लाख रुपए के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी हैं। लंबे अरसे से प्रतीक्षित इस प्रोजेक्ट को रही झंडी मिलने से सूर्यनगरी को क्लीन सिटी बनाने का सपना साकार होने की उम्मीद बंधी है। पहले चरण में शहर के कुल 60 में से 45 वार्डो में इस योजना को लागू किया जाएगा।
उच्चत्तम न्यायालय के आदेश के बाद से नगर निगम को वार्डो में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन करने वाली संस्थाओं की लंबे समय से तलाश थी। संस्थाओं के रुचि नहीं दिखाने के कारण निगम ने अपने स्तर पर पांच वार्डो में प्रायोगिक तौर पर डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन की योजना शुरू की, लेकिन यह योजना विफल हो गई। इन पांच वार्डो में वेस्ट कलेक्शन करने वाली स्वयंसेवी संस्था बीच में काम छोड़कर भाग गई।
इसके बावजूद निगम ने इसके लिए अपने स्तर पर प्रयास जारी रखे, लेकिन इस कवायद से निगम को ज्यादा फायदा नहीं हुआ। आखिरकार निगम ने 10 अक्टूबर को 15 वार्ड अपने अधीन रखने के फैसला कर शेष 45 वार्डो में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन के लिए निविदाएं जारी की थी।
711 रु. प्रति मीट्रिक टन की दर
इसके लिए पांच संस्थाओं ने डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन करने की इच्छा जताई थी, लेकिन सेंटर फॉर डवलपमेंट कम्युनिकेशन (सीडीसी) फर्म की दरें सबसे न्यूनतम थी। सीडीसी ने 711 रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर दी थी।
बोर्ड की बैठक में दरों का अनुमोदन करने के पश्चात योजना को वित्तीय स्वीकृति के लिए जयपुर निदेशालय भिजवाया गया था। राज्य सरकार ने निगम के 12.47 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी पुष्टि रविवार को नगरीय विकास व स्वायत शासन राज्य मंत्री सुरेंद्र गोयल ने की।
तीन माह बाद देना होगा शुल्क
शहर के 45 वार्डो में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन का जिम्मा संभालने वाली संस्था तीन माह तक किसी से भी शुल्क नहीं लेगी। इसके बाद 10 रुपए प्रति घर शुल्क वसूला जाएगा। एक वर्ष बाद यह शुल्क बढ़कर 20 रुपए होगा। कच्ची बस्तियों में छह महीने तक निशुल्क वेस्ट कलेक्शन किया जाएगा।
शर्तो के मुताबिक काम करने वाली संस्था को वार्ड से डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन कर केरू स्थित डंपिंग स्टेशन तक ले जाना होगा। इसके लिए उसे अपने स्तर पर संसाधन जुटाने होंगे। यह ठेका फिलहाल तीन साल के लिए सौंपा जाएगा।
सफाईकर्मी पूर्व की भांति काम करेंगे
डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन की योजना लागू होने का असर निगम में तैनात सफाईकर्मियों पर नहीं पड़ेगा। सफाईकर्मी पूर्व की भांति ही वार्डो में सफाई का काम करेंगे। वेस्ट कलेक्शन करने वाली संस्था सफाईकर्मियों के एकत्रित किए गए गीले व सूखे कचरे को निर्धारित कचरा स्थल से उठाकर केरु ले जाने का काम करेगी।