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वाहन चला लें या मोबाइल पर बात कर लें

उदयपुर. mobile वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बातचीत करना भले ही कानूनन अपराध है, इसके बावजूद लेकसिटी के लोग ड्राइविंग के दौरान फोन करने से बाज नहीं आते। शहर के प्रमुख चौराहों पर भी ऐसे नजारे देखे जा सकते हैं। चलते वाहन पर मोबाइल से बातचीत करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

यातायात पुलिस की आंखों के सामने फर्राटे से निकलने वाले कई चालकों के एक हाथ में गाड़ी का स्टेयरिंग या हैंडल होता है तो दूसरे हाथ में मोबाइल फोन, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। इस संबंध में भास्कर ने परिवहन व पुलिस अधिकारियों के साथ वाहन चालकों से बातचीत की।

अन्य लोगों के लिए जानलेवा
>> वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बातचीत कानूनी तौर पर अपराध है। इस प्रकार की ड्राइविंग वाहन चलाने वालों के लिए ही नहीं बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा हो सकती है।
दिलीप सिंह राठौड़, जिला परिवहन अधिकारी

फोन नहीं उठाने की हिदायत
>> डॉक्टर होने से अक्सर फोन की घंटी बजती रहही है। इस कारण फोन आने पर वाहन साइड में रोककर ही फोन रिसीव करना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय पत्नी इस बात की हिदायत देती है जिसे ईमानदारी से पूरा करता हूं।
डॉ. सुनील सुराणा भूपालपुरा

गाड़ी चलाते समय बात नहीं करें
>> ड्राइविंग करते समय अगर पूरा ध्यान नहीं दिया जाए तो दुर्घटना होने के आसार बढ़ जाते हैं। चलती गाड़ी पर बात करने से दिमाग बंट जाता है। ऐसे में दुर्घटना हो सकती है। ड्राइविंग करते समय फोन नहीं और न ही बात करें।
डॉ. दीप्ति जैन मनोचिकित्सक

मोबाइल का उपयोग करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
वाहन चलाते समय मोबाइल को उस वक्त के लिए ऑफ कर सकते हैं।
अपने मिलने वालों को अवगत करा दें वे कि वाहन चलाते समय फोन रिसीव नहीं करते हैं।
यदि फोन मिस नहीं कर सकते तो वाहन किनारे पर लगाकर ही बात की जानी चाहिए। रात के वक्त वाहन खड़ा करने के बाद पार्किग लाइट जलाना नहीं भूलें।
एयरफोन लगाकर ड्राइविंग के दौरान बातचीत करना कम जोखिम भरा नहीं है। फोन पर बातचीत के दौरान चालक का ध्यान बंट सकता है।

क्या हैं नियम
mobi केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 में संशोधित नियम 21 के अंतगर्त वाहन चालकों के लिए जिन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य बताया गया उसमें नियम -25 में मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने की मनाही है। ऐसा करने वालों पर धारा 184 के तहत 300 रुपए का जुर्माना है। पहले यह जुर्माना 100 रुपए था।

जुर्माना राशि बढ़ाने की कवायद
वाहन चलाते समय मोबाइल से बातचीत करने वालों पर सख्ती बरतने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन कर जुर्माना राशि को 1500 रुपए करने की कवायद की जा रही है।

वाहन चलाते समय चालक ऐसा नहीं कर सकते :
वाहन चालक उस समय फोन यूज नहीं कर सकते जब वे गाड़ी चला रहे हो।
मोबाइल हैंड फ्री और दूसरी किसी एसेसरीज की मदद से भी मोबाइल पर बात नहीं कर सकते।
डॉक्टर्स भी वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने से इंकार करते हैं।

>> गाड़ी चलाते समय मोबाइल से बात करने वाले चालकों के खिलाफ चालान बनाए जाते हैं। युवक-युवतियों को हिदायत भी दी जाती है।
-विक्रम सिंह, ट्रेफिक इंस्पेक्टर





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