News
Metros
Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
पंजाब सरकार के लुभावने वायदे एनआरआइज को लुभा नही पा रहे हैं। चंडीगढ़ में हुए एनआरआई सम्मेलन में शामिल हुए एनआरआइज की आधी संख्या भी दूसरे चरण में जालंधर में हुए सम्मेलन में शामिल नहीं हुई।
जालंधर में दूसरे चरण के सम्मेलन में चंडीगढ़ से करीब 200 एनआरआइज ने रवाना होना था। इसके लिए छह वोल्वो बसें और दर्जनों लग्जरी गाड़ियां मुहैया करवाई गई थीं। बावजूद इसके करीब 80 एनआरआई ही जालंधर के लिए रवाना हुए।
कारण जो भी हो, साफ है कि सरकार के लुभावने वायदे एनआरआइज़ को कुछ खास लुभा नहीं पाए। खुद एनआरआइज भी इसे स्वीकार करते हैं। चंडीगढ़ में मौजूद अमेरिका के गुरिंदर सिंह का कहना है कि सरकार के पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जो एनआरआइज को अट्रैक्ट कर सके। अब जालंधर जाने की क्या तुक?
एक अफसर ने कहा, अगर एनआरआई खुद ही जालंधर जाने में रुचि नहीं दिखा रहे तो हम उन्हें कैसे मजबूर कर सकते हैं।
कौन बनाएगा डायरेक्टरी
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एनआरआईज की जिस डायरेक्टरी में पूरा विवरण शामिल करने का दावा किया है, महज एक दावा और सम्मेलन में घोषणा तक ही सीमित रहने की संभावना है। अभी तक सरकार अभी तक डायरेक्टरी बनाने के संबंध में यह फैसला नहीं ले पाई है कि इसे तैयार करेगा कौन करेगा?
वेबसाइट पर मिलेंगे सीएम
पंजाब सरकार एक वेबसाइट तैयार कर रही है, जिस पर विदेशों में बैठे पंजाबी एनआरआई अपनी समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री से सीधे तौर पर संपर्क कर सकेंगे।
इस वैबसाइट के जरिए संबंधित एनआरआई की मुख्यमंत्री से एक उच्चधिकारी भारतीय समय के अनुसार बातचीत भी करवाएगा।