कोटा.
शहर के 19 स्कूलों में रविवार को कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई। जिसमें 79 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए। 8531 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र भेजे गए थे लेकिन, उनमें से 6767 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा निर्बाध रूप से व निष्पक्ष हो, इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केन्द्र की जांच के लिए थानाधिकारी व उनके स्तर के पुलिस अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया था।
तीन दिन पूर्व व्यवस्था के लिए आयोजित बैठक में एसपी एमके गोविल ने सभी प्रभारियों की ड्यूटी लगा दी थी। इन तीन दिन में इस प्रकार की सूचनाएं मिली कि कुछ केन्द्र प्रभारियों ने अपने-अपने केन्द्रों पर परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों से मिलीभगत की है।
सुबह जैसे ही सभी केन्द्र प्रभारी अपने-अपने केन्द्र पर जाने लगे तो पता चला कि उनके केन्द्र बदल दिए गए है। जैसे ही एसपी गोविल की तरफ से एन वक्त पर प्रभारियों को उनके केन्द्र बदलने की सूचना मिली उनमें हड़कंप मच गया। सभी दबी जुबान से केन्द्र बदलने के पीछे की कहानी पूछते नजर आए।
>> परीक्षा प्रभारियों को तीन दिन पूर्व ही केन्द्र बता दिए गए थे लेकिन, परीक्षा निष्पक्ष हो और कोई गड़बड़ी न करें, इसके लिए एनवक्त पर जानबूझकर प्रभारियों के केंद्र बदले गए थे।’
एम.के. गोविल, एसपी
ऐसा था प्रश्न पत्र
प्रश्न पत्र कठिन नहीं था। सौ प्रश्नों में से 60 प्रतिशत प्रश्न सामान्य ज्ञान के थे जिसमें राजस्थान की भौगोलिक, सामाजिक स्थिति के साथ-साथ देश-विदेश की गतिविधियों से संबंधित थे। 40 प्रतिशत प्रश्न गणित के थे।
कुछ प्रश्न इस प्रकार के थे-
राज्य कर्मचारी बनकर क्या करोंगे?
पड़ोसी पर आपदा आई तो क्या करोंगे?
यदि आपके सामने चोरी हो रही है तो क्या करोंगे?
लोहागढ़ कहां है?
विवादास्पद लेखिका का नाम क्या है?
पाकिस्तान में आपातकाल कब लगा?
बायोडीजल किससे मिलता है?
आपरेशन फ्लड क्या है?
आरजे 01 किस शहर का रजिस्ट्रेशन नंबर है?
कुछ प्रश्न परंपरागत व रिश्तों की पहेलियों से संबंधित।
कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली
किसी भी केन्द्र पर नकल करने अथवा फर्जी तरीके से परीक्षा देने का एक भी मामला सामने नहीं आया।
सड़कों पर गहमा-गहमी
परीक्षा के बाद जैसे ही अभ्यर्थी अपने घरों को लौटने लगे, सड़कों पर भीड़ हो गई। वाहन चालकों ने भी जमकर क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया।