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दिल्ली आईकार्ड मामला : खन्ना का यू-टर्न

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकों के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य किए जाने के कदम का चौतरफा विरोध होने के बाद लेफ्टिनेंट गवर्नर तेजेंद्र खन्ना ने यू-टर्न लेते हुए सोमवार को कहा है कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि यह अनिवार्य होगा।

खन्ना ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि आईडी अनिवार्य होगा। यह गलत तरीके से समझा गया है। मैंने यह भी कभी नहीं कहा कि बिना आईडी कार्ड के पाए जाने पर नागरिकों को अपराधी समझा जाएगा।

गौरतलब है कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस, भाजपा और उप्र की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा इस कदम का विरोध किया गया था और आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस कदम के विरोध में प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र के बाद खन्ना का यह बयान सामने आया है।

आगामी 15 जनवरी से हर नागरिक के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य किए जाने के मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी कहा था कि उन्हें ऐसे किसी फैसले के बारे में नहीं बताया गया है। इसके अलावा दिल्ली के पड़ोसी राज्यों उप्र, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान ने इसे अव्यावहारिक करार दिया था।

प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के पत्र के बारे में कहा कि मैं इस कदम के मकसद के भीतर नहीं जाना चाहूंगा लेकिन अगर कोई समस्या है तो उसे सुलझा लिया जाएगा। गौरतलब है कि चार जनवरी को खन्ना ने घोषणा की थी कि आतंकवादी धमकियों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस कभी भी नगरिकों के फोटो आईकार्ड की जांच कर सकती है।

लेकिन, आज खन्ना ने सवालों की बौछारों के बीच कहा कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर को सिर्फ यह निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी में चौकसी बढ़ा दी जाए और बढ़ रहे संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ की जाए।





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