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पीएम का श्रीलंका दौरा खटाई में

नई दिल्ली. श्रीलंका में गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संकेत दिए हैं कि वे आगामी चार फरवरी को श्रीलंका के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शरीक नहीं होंगे। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई है कि 13 से 15 जनवरी तक उनकी चीन यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में एक समारोह के बाद पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने सीमा विवाद पर चीन का रुख कड़ा होने संबंधी सवाल के जवाब में कहा, ‘इस जटिल मुद्दे को हल करने की प्रक्रिया जारी है।’

मन नहीं बनाया :
श्रीलंका ने मनमोहन सिंह को अपने स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया है, लेकिन प्रधानमंत्री के मुताबिक, उन्होंने श्रीलंका यात्रा का मन नहीं बनाया है।

राजनीतिक दलों का आग्रह :
तमिलनाडु के राजनीतिक दलों ने सिंह से आग्रह किया है कि वे श्रीलंका सरकार द्वारा संघर्ष विराम तोड़कर तमिल टाइगरों के खिलाफ हमले शुरू करने के कारण वहां न जाएं।

टाल गए सवाल :
सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार संबंधी सवाल को टालते हुए कहा, ‘जब कभी ऐसा होगा, आपको मालूम हो जाएगा’।

जमीन विवाद की जड़
* भारत के मुताबिक, चीन ने जम्मू कश्मीर की 43,180 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा जमा लिया है। इसमें चीन द्वारा पाकिस्तान को 1963 में हुए सीमा समझौते के तहत दी गई 5,180 वर्ग किलोमीटर जमीन भी शामिल है।
* चीन का आरोप है कि भारत ने उसकी करीब 90,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा जमाया हुआ है।





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