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अभिमत. टीम ऑस्ट्रेलिया ने न केवल सिडनी टेस्ट मैच जीता बल्कि माइंड गेम में भी जीत दर्ज की। टीम इंडिया उसके बुने जालों में उलझती चली गई। कंगारू यही चाहते थे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को हरभजन चालू सीरीज में चार में से तीन बार आउट कर चुके हैं। ऐसे में उनका टारगेट हरभजन पर होना स्वाभाविक ही था। हरभजन को बल्लेबाजी करते समय उकसाने का जाल बुना गया जिसमें वे फंस गए।
हरभजन को बल्लेबाजी करते समय सायमंड्स को इशारे से बुलाकर बात नहीं करनी चाहिए थी। उन्हें सिर्फ बल्लेबाजी करनी चाहिए थी जैसा कि सचिन दूसरे छोर से कर रहे थे। सचिन भी गेंदों की धुनाई कर रहे थे लेकिन सायमंड्स ने उन्हें कुछ नहीं कहा। भज्जी का सायमंड्स को बुलाकर बात करना ही मुद्दा बन गया। कंगारुओं को यह भी पता है कि टीम इंडिया में किस-किस खिलाड़ी को जल्दी गुस्सा आता है। भज्जी पर आरोप है कि उन्होंने सायमंड्स को बिग मंकी कहकर चिढ़ाया। ऑस्ट्रेलिया टीम जब भारत के दौरे पर आई थी तब भी श्रीसंथ-सायमंड्स, हरभजन-सायमंड्स विवाद बढ़ा था, लेकिन भारत ने मेहमानों का पूरा-पूरा ध्यान रखा तथा खेल भावना से विवादों का अंत किया। लगता है कि चैंपियन होने की गवरेक्ति में टीम ऑस्ट्रेलिया खेल भावना भूल गई और उसने माइंड गेम के सहारे टीम इंडिया में तनाव पैदा करने की कोशिश की। यदि ऑस्ट्रेलिया की तरह सभी देश माइंड गेम खेलने लग जाएंगे तो खेल भावना खत्म हो जाएगी और क्रिकेट की शालीनता इतिहास में समा जाएगी। वैसे भी जब से क्रिकेट में धन व कॉपरेरेट जगत हावी हुआ है तब से जीत ही लक्ष्य रह गया है। टीम इंडिया को पहले से ही पता था कि ऑस्ट्रेलियाई माइंड गेम में माहिर हैं इसलिए उसे होमवर्क करके उससे निपटना चाहिए था। ऐसा करते वह मैदानी तनाव से बच सकती थी।