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इंदौर. मौसम में हो रहे परिवर्तन का असर सब्जियों पर भी दिखाई देने लगा है। मंडियों में आवक में कमी से कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं। आगे वैवाहिक खरीदी निकलने पर दाम और बढ़ने की उम्मीद है। हरी सब्जियों में सबसे महंगी भिंडी, गिलकी, करेला है। इनकी आवक काफी कम है। भिंडी की फसल में पानी ज्यादा लगने के कारण किसानों ने इसकी बोवनी कम की थी। इस वजह से मंडियों में इसकी भारी कमी है जिससे दाम ऊंचे चल रहे हैं।
हरा बटला लोकल के साथ ही जबलपुर तरफ से भरपूर मात्रा में आने लगा है जिससे इसके दाम भी नीचे आ गए हैं। नए कटहल की आवक शुरू हो गई है। नया कटहल 10-12 रुपए प्रति किलो थोक में बिक रहा है।
थोक में टमाटर एक रुपए किलो
टमाटर की भरपूर आवक के कारण दाम काफी नीचे आ गए हैं। कुछ दिनों पहले टमाटर 10 रुपए प्रति किलो बिक रहा था वो दो-ढाई रुपए प्रति किलो तक खेरची में बिक रहा है सूत्रों के अनुसार सॉस निर्माता भी महाराष्ट्र से टमाटर का पेस्ट मंगवाकर यहां पर सॉस बना रहे हैं। इस वजह से टमाटर में सॉस निर्माताओं की खरीदी भी बेहद कमजोर है। मौसम गर्म होने पर टमाटर जल्द ही पक जाता है जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा है। थोक में टमाटर के दाम नीचे में 1 रुपए से लेकर 4 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है।