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इंदौर. व्यास पुल (पीलिया खाल) से गांधीनगर तक बन रही दस करोड़ लागत की चार किलोमीटर लंबी सड़क का काम एयरपोर्ट डायरेक्टर की आपत्ति पर रुक गया है। उन्होंने मौजूदा सड़क दूर शिफ्ट कर बनाने का कहा था। डायरेक्टर आर.के सिंह ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को लिखा है थाने के पास बनी सड़क की जगह सीमेंट की सड़क नहीं बनाई जाए। भविष्य में यहां बोइंग विमान उतरेंगे तो परेशानी होगी इसलिए सड़क दूर हटाकर बनाएं।
पीडब्ल्यूडी के सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर के.सी. जैन ने बताया सड़क शिफ्ट करने में समय लगेगा क्योंकि इसके लिए थाना तोड़ना होगा या उसके पीछे से सड़क निकालना होगी। एयरपोर्ट के सामने की सड़क भी पीछे करना होगी जिसके लिए जमीन लगेगी। फिलहाल उनकी आपत्ति के बाद एरोड्रम थाने के पहले से लेकर एयरपोर्ट के आगे तक की सड़क का काम रोक दिया है। व्यास पुल से बीएसएफ तक ही सड़़क बनाई जाएगी।
डीएलसी पद्धति से बन रही है सड़क
श्री जैन ने बताया चार किलोमीटर लंबी सड़क सितंबर से बन रही है और जून 2008 में पूरी करने का लक्ष्य है। इसे डीएलसी (ड्राय लिंक कांक्रीट) पध्दति से बनाया जा रहा है इसमें सड़क को खोदे बगैर डामर रोड पर ही सीमेंट कांक्रीट की परत बिछा कर निर्माण शुरू कर दिया जाता है। यह तब संभव है जब सड़क का लेबल पहले से मिला हो।
दुर्घटना का खतरा
एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक थाने से एयरपोर्ट की बाउंड्री शुरू होती है और यहां उतरते समय विमान बहुत ही कम उंचाई पर होते हैं। नई सड़क बनने पर सड़क की ऊंचाई भी बढ़ेगी। तब बड़े वाहन गुजरेंगे तो दुर्घटना का खतरा रहेगा इसलिए पीडब्ल्यूडी को रोड थाने के पीछे से निकालने का कहा है।
तीसरी बार शिफ्ट होगी सड़क
एयरपोर्ट के सामने की सड़क तीसरी बार शिफ्ट करने की मांग उठी है। 1935 में होलकर शासनकाल में वहां केवल रनवे था और चारों तरफ खेत थे। फिर टाटा एंड संस ने टर्मिनल बिल्ंिडग बनाई तब सड़क उसके करीब से ही गुजरती थी। कुछ साल बाद दिल्ली-मुंबई की नियमित उड़ाने शुरू हुईं और सुरक्षा कारणों से 1997 में सड़क टर्मिनल बिल्ंिडग से 70 मीटर दूर की गई। अब फिर एयर ट्रैफिक बढ़ने से सड़क शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई है।