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बादलों का डेरा, तापमान चढ़ा

ग्वालियर.g मौसम में फिर बदलाव आ गया है। दो रोज से बादल छाने और शीतलहर थमी रहने से न्यूनतम व अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिससे कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव हुआ है। इसके चलते अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर छींटे गिरने की संभावना भी है।

हल्की धुंध के बीच आज सुबह कमजोर-पीला सूरज निकला। आकाश में पतली परत के बादल छाए थे। दिन चढ़ने के साथ बादलों ने सूर्य को ढक लिया। सांझ ढलते ही शहर के कुछ क्षेत्रों में अधिक धुंध के कारण अंधेरा सा हो गया। शाम तक तेज धूप नहीं निकली लेकिन बादलों के कारण तथा हवा थमी रहने से अधिक ठंड का अहसास नहीं हुआ। इस कारण तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। लाइट के स्विच जल्दी ऑन करना पड़े।

सोमवार को न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहे। कई दिनों बाद तामपान सामान्य से अधिक रहा है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक है। बादल छाए रहने से हवा में नमी की मात्रा सुबह 87 प्रतिशत रही जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक थी। शाम को नमी की मात्रा घटकर 53 प्रतिशत रह गई।

फ्लाइट्स व ट्रेनों पर कोहरे का असर

कोहरे का असर हवाई व रेल सेवाओं पर भी पड़ रहा है। नई दिल्ली से ग्वालियर आने वाली एयर इंडिया व डेक्कन की फ्लाइट घंटों देरी से एयरपोर्ट पर उतरीं। नई दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनें भी यहां देरी से पहुंचीं।

नई दिल्ली से सुबह 9.10 बजे ग्वालियर आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट सोमवार को रद रही। दिल्ली हवाई अड्डे से फ्लाइट देरी से उड़ी, इसलिए एयर इंडिया प्रशासन ने नई दिल्ली-ग्वालियर-भोपाल फ्लाइट को सीधे नई दिल्ली से भोपाल पहुंचा दिया। वहां से भी यह विमान काफी देरी से यहां आया। भोपाल से ग्वालियर आने वाली फ्लाइट का समय सुबह 11.30 बजे है लेकिन यह फ्लाइट शाम 4.30 बजे आई। शाम 4.50 बजे फ्लाइट को नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

कोहरे की वजह से एयर डेक्कन ने अपनी फ्लाइट को रीशिड्यूल कर रखा है। उसके बाद भी फ्लाइट शाम 6.55 की जगह रात्रि आठ बजे यहां आई। यहां से इंदौर से लिए विमान को रात्रि 8.10 बजे रवाना किया गया। फ्लाइट्स के लेट होने से अनेक यात्रियों ने यात्रा रद कर दी, इससे दोनों वायु सेवाओं को कम यात्री ही मिल सके।कोहरे की सफेद चादर का असर नई दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों पर भी दिखाई दिया। चालकों को धीमी गति से ट्रेनें चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस वजह से हीराकुंड एक्सप्रेस पांच घंटे, झेलम एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे लेट रही।





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