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नई दिल्लीगुजरात व हिमाचल प्रदेश में चुनावी जीत से उत्साहित भाजपा ने अगले साल होने वाले आम चुनाव पर नजरें टिका दी हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पांच वरिष्ठ नेताओं का एक अनौपचारिक समूह गठित कर उसे चुनाव के लिए एक्शन प्लान बनाने को कहा है।
मोदी ने दिए सुझाव :
हाल ही में आडवाणी के निवास पर हुई बैठक में गठित इस समूह में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अरुण शौरी, अनंत कुमार और विजय सतोधर शामिल हैं। गुजरात में नरेंद्र मोदी की जबरदस्त जीत से पार्टी को एहसास हुआ है कि युवाओं को आकर्षित करना हो तो मीडिया टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल करना होगा। बैठक में यह सुझाव मोदी ने ही दिया था। उन्होंने पार्टी संगठन के ढांचे को भी बदलती जरूरत के अनुरूप ढालने का सुझाव दिया। उनके सुझाव विचार के लिए नवगठित समूह को सौंप दिए गए हैं।
दूरगामी नीति पर जोर :
पार्टी के फोकस में फरवरी-मार्च में संभावित कर्नाटक विधानसभा के चुनाव है, लेकिन पार्टी के नीति निर्धारक ऐसी रणनीति बनाना चाहते हैं जो दूर तक काम आए।
विकेंद्रीकरण पर विचार :
समूह से इस विचार का परीक्षण करने को भी कहा गया है कि दिल्ली में सब कुछ तय करने के बजाय राज्य या क्षेत्र के स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर फैसले लिए जाएं। पार्टी सैद्धांतिक रूप से राज्य व जिला स्तर पर अधिक बैठकें आयोजित करने पर राजी हो गई है क्योंकि इससे कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ता है।
पकड़ बनाए रखना होगी :
भाजपा नेताओं को लगता है कि यदि पार्टी को अपने अवसर उजले करने हैं तो उसे उत्तरप्रदेश में स्थिति सुधारने के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पकड़ बनाए रखनी होगी जहां वह सत्ता में है।
अंतत: राजी हुईं वसुंमहासचिव ओपी माथुर को राजस्थान भाजपा की लगाम सौंपने के आलाकमान के फैसले के आगे आखिर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को झुकना पड़ा। माथुर को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का उन्होंने विरोध किया था।