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महिलाओं के इशारों पर चला शहर

जयपुर.constable राजस्थान पुलिस की महिला पुलिसकर्मियों के लिए सोमवार का दिन काफी अहम रहा। राज्य में पहली बार 18 महिला कांस्टेबलों ने राजधानी की 17 जगहों पर ट्रैफिक व्यवस्था बखूबी संभाली। कई लोगों ने इस व्यवस्था को बड़े कौतूहल के साथ देखा। उनको देख महिला वाहन चालकों के चेहरे पर गौरव व राहत के भाव थे।

इन कांस्टेबलों ने राजधानी के 17 प्वॉइंट्स पर मोर्चा संभाला।ये प्वॉइंट्स हैं, न्यू गेट, खासा कोठी सर्किल, गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा, पांच बत्ती चौराहा, अजमेरी गेट, यादगार, रामनिवास बाग चौराहा, त्रिपोलिया बाजार टी प्वॉइंट, पीएचक्यू गेट के बाहर, नौताड़ियों का चौराहा, राजभवन चौराहा, राममंदिर हवा सड़क, तिलक मार्ग, राजमहल टी प्वॉइंट, रामबाग सर्किल, लक्ष्मी मंदिर और सोडाला चौराहे पर ट्रैफिक का संचालन किया।

पहले दिन काम समझा

रामबाग सर्किल पर दोपहर 3.30 बजे :
वाहनों की आवाजाही रोज की तरह थी, लेकिन उनकी रफ्तार अचानक कम हो रही थी। राहगीर से लेकर दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक आश्चर्य से यातायात को नियंत्रित करती महिला कांस्टेबल को देखने लग जाते। यहां महिला कांस्टेबल संगीता रोहिला पुरुष कांस्टेबल के साथ तैनात थी। उसने कहा काम नया है, चुनौतियां भी नई हैं, पर जो महिला घरेलू मोर्चे पर सफल रही है, उसके लिए कोई चुनौती मुश्किल नहीं।

यादगार के बाहर 3.50 बजे :
वाहनों की भीड़ को महिला कांस्टेबल माया बल संभालने की कोशिश कर रही थी। पहले ही दिन कुछ पुरुष वाहन चालकों ने इस व्यवस्था को आश्चर्य के साथ देखा। वे बेफिक्र हो वाहन चालकों को स्टॉप लाइन पर रोकती रहीं। यातायात का जबरदस्त दबाव पड़ते ही उसकी एकाग्रता टूटी। पास खड़ा कांस्टेबल कह उठा ट्रेनिंग में क्या सीखा? ठीक से इशारे भी नहीं कर पा रही हो। इतने में एसपी स्मिता श्रीवास्तव ने पास खड़े दूसरे कांस्टेबल को राहगीरों को सड़क के बीच आने से रोकने की हिदायत दी। माया ने बताया, पहले दिन स्टॉप लाइन पर हमें देख लोग खुद पीछे हट रहे हैं।

न्यू गेट चौराहा पर शाम 4.20 बजे :
रामनिवास बाग गेट पर खड़ी महिला कांस्टेबल चंद्रकांता शर्मा मुस्तैदी से वाहन चालकों को रोक रही थीं। लाल बत्ती दिखने के बाद स्टॉप लाइन को पार करने वाले वाहनचालकों को शालीनता से समझा भी रही थीं। न्यू गेट पर पुलिस उपाधीक्षक कमल शेखावत भी जाप्ते के साथ यातायात पर नजर रखे हुए थीं। चंद्रकांता ने कहा, जब महिलाएं ‘राज’ चला सकती हैं तो यातायात कौन सी बड़ी बात है? नए काम में पारंगत होने में थोड़ा वक्त चाहिए।

छोटी चौपड़ पर 4.40 बजे :
महिला हेड कांस्टेबल इंद्रा अहलावत रिक्शाचालकों को रोक रही थीं। पहले तो रिक्शाचालक घबराए, फिर माजरा पूछने लगे। इंद्रा ने उन्हें रिक्शों के पीछे फ्लोरोसेंट टेप चिपकाने के फायदे समझाए। देखादेखी कई रिक्शेवाले आगे आए और फ्लोरोसेंट टेप मांगकर चिपकाने लगे। इंद्रा के काम में चीफ वार्डन यातायात डॉ.जीत चंडोक और घनश्याम शर्मा भी सहयोग दे रहे थे। इंद्रा ने कहा, पहले दिन सिर्फ यही काम किया, पर काम की जिम्मेदारी का अहसास है। पहले विधायकपुरी थाने में रिकॉर्ड रूम को संभाला, अब हम इसमें भी आगे रहेंगी।





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