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जयपुर .
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर के सोमवार को पदभार ग्रहण समारोह के दौरान एक नेता ने हवाई फायर करके सनसनी फैला दी। पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। फायर करने वाला डूंगरपुर जिले का आसपुर मंडल अध्यक्ष जोरावरसिंह है। वह एयरपोर्ट से ही बारह बोर बंदूक लहराते हुए जुलूस के साथ पार्टी दफ्तर तक आया था।
माथुर ने विधिवत प्रदेशाध्यक्ष का पद ग्रहण कर लिया। उनके स्वागत के लिए प्रदेशभर से कार्यकर्ता आए और जोशीले नारे लगाते रहे। इसके साथ ही पुराने अध्यक्ष महेशचंद्र शर्मा ने विदाई ले ली। लंबे समय बाद यह पहला मौका था जब असंतुष्ट और मुख्यमंत्री खेमा एक साथ दिखाई दिया। समारोह में मुख्यमंत्री के तेवर बिलकुल बदले हुए थे।
उन्होंने अपने घोर विरोधी पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मेघवाल का भी कई बार नाम लिया। मेघवाल लंबे समय बाद पार्टी के किसी मंच पर दिखाई दिए। पार्टी की प्रदेश इकाई ने उन्हें मुख्यमंत्री पर पांच हजार करोड़ रुपए खाने का आरोप लगाने के बाद से अपने किसी भी कार्यक्रम में बुलाना बंद कर दिया था।
मैं चुनाव मैनेजमेंट में पीएचडी :
माथुर
नए अध्यक्ष माथुर ने मध्यप्रदेश के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि वे चुनाव मैनेजमेंट में पीएचडी हैं। मध्यप्रदेश और उत्तरांचल में कामयाबी हासिल की। इसके बाद गुजरात में जोरदार जीत दर्ज करवाई। मीडिया ने वहां भी शक पैदा कर रखा था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने कयासों को गलत साबित करते हुए भाजपा की गुजरात में फिर ताजपोशी की। उन्होंने कहा कि अगला चुनाव वसुंधरा राजे के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और वे ही मुख्यमंत्री होंगी।
दो ही कैबिनेट मंत्री पहुंचे स्वागत में!
एयरपोर्ट पर माथुर का स्वागत करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मेघवाल और वसुंधरा के कट्टर विरोधी जसवंतसिंह के पुत्र मानवेंद्रसिंह प्रमुख थे, लेकिन सामाजिक न्याय मंत्री मदन दिलावर और पंचायती राज मंत्री कालूलाल गुर्जर को छोड़कर पूरी कैबिनेट गायब थी। कैबिनेट के ज्यादातर मंत्री स्वागत समारोह में पार्टी दफ्तर पहुंचे।
कार्यकारिणी, मोर्चे और प्रकोष्ठ भंग!
प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार सौंपने के बाद अपने भाषण में महेश शर्मा ने प्रदेश कार्यकारिणी, मोर्चाें और प्रकोष्ठों को भंग करने का एलान कर दिया। इस पर नए अध्यक्ष माथुर ने कहा कि कार्यकारिणी, मोर्चे और प्रकोष्ठ यथावत रहेंगे, सिर्फ दायित्वों में बदलाव किया जाएगा।
प्रदेश प्रभारी गोपीनाथ मुंडे ने कहा कि शर्मा ने कार्यकारिणी, मोर्चे और प्रकोष्ठ भंग कर दिए हैं। अब इनका अस्तित्व नहीं है। नए अध्यक्ष अब अपनी टीम बनाएंगे। महामंत्री संगठन प्रकाशचंद्र ने कहा कि अभी कुछ भी भंग नहीं हुआ है। बदलाव बाद में किए जाएंगे।
कौन है फायर करने वाला?
जोरावरसिंह पुत्र नाथूसिंह उम्र 48 साल आसपुर डूंगरपुर का। पार्टी कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर एक फायर किया था। उसे आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया है। उसके पास एक जीवित कारतूस मिला। लाइसेंस पिता के नाम था। वह खुद को आसपुर मंडल भाजपा का अध्यक्ष बता रहा है।
चुनावी वर्ष में केंद्र ने एक अनुभवी और कर्मठ कार्यकर्ता को कमान सौंपी है। वसुंधरा राजे के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव होंगे और ओमप्रकाश माथुर इसमें सारथी का काम करेंगे।
-महेशचंद्र शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
मीडिया ने हौवा कर रखा है। मीडिया ने मोदी के बारे में भी क्या-क्या नहीं लिखा। राजस्थान में सब कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव लड़ेंगे और वसुंधरा राजे के नेतृत्व में जीत होगी। माथुर ने मध्यप्रदेश, उत्तरांचल और गुजरात में जीतने की हैट्रिक बनाई है। इसलिए उन्हें यहां भेजा गया है।
-गोपीनाथ मुंडे, प्रदेश प्रभारी
समारोह में मुख्यमंत्री ने जो कहा
छाती पर पांव :
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सोमवार को मीडिया और विरोधियों पर जमकर बरसीं। उन्होंने विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, ‘इज्जत पर आंच नहीं आने दूंगी। मैंने तो पहले भी छाती पर पांव रखकर दिखा दिया’।
अखबारों ने लगा रखी है आग :
..मैं तो पेपर पढ़ती नहीं, लेकिन पार्टी में सारी आग अखबारों ने लगा रखी है। लिखते हैं, मैं ओमजी की खिलाफत कर रही हूं। अरे भाई मुझे तो बख्शो। आग आप लगाओ। आप ही हल्ला करो’।
अब सफेद हो चुके बाल :
ओम जी, आप तो बहुत मोटे तगड़े, ताजे दिखते हो। परंतु भूले नहीं होंगे। आपने नौ-नौ साल झेला है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब इनके बाल काले थे, अब सफेद हो गए हैं।
वही महल, वही किले :
कर्नल टॉड का इतिहास पढ़ा है? उसमें देश से भी पहले राजस्थान का नाम आता है, क्योंकि यहां महल हैं, किले हैं। इनसे राजस्थान का नाम था, लेकिन अब राजस्थान नए रास्ते पर चल पड़ा है।