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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. रणजीत सागर बांध पर सालों से काम कर रहे और यहीं रिटायर हुए कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में कटौती होने जा रही है। इनके वेतन और पेंशन अब नए सिरे से फिक्स होंगे। कर्मचारियों के एडिशनल इंक्रीमेंट्स को मूल वेतन और पेंशन में शामिल किए जाने से राज्य सरकार के खजाने पर हर माह एक करोड़ रुपए का बोझ पड़ रहा है।
अब तक सिंचाई विभाग 85 करोड़ का भुगतान भी कर चुका है। बीते शुक्रवार इन कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को सिविल सर्विस रूल्स के तहत फिर से निर्धारित करने का फैसला किया गया है। वित्त विभाग इसे अप्रूव करने के कैबिनेट को भेजेगा।
वर्कचार्ज के एडिशनल इंक्रीमेंट वेतन में शामिल :
रणजीत सागर बांध 1977 में बनना शुरू हुआ था। यहां कर्मचारियों की वर्कचार्ज के तौर पर भर्ती की गई थी। इसके बाद काम का मुआयना करने हर साल आने वाले राजनेता कर्मचारियों को विशेष इंक्रीमेंट देने की घोषणा करते रहे। कई बार तो एक ही साल में दो से तीन इंक्रीमेंट भी मिले। 13 मार्च 1996 को सभी वर्कचार्ज कर्मचारियों को रेगुलर करके उनके इंक्रीमेंट्स मूल वेतन में शामिल कर दिए गए और रिटायर कर्मियों के साथ भी ऐसा ही किया गया।
विभाग के आकलन में यह राशि 85 करोड़ बनती है। सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सिविल सर्विस रूल्स के तहत विशेष इंक्रीमेंट्स मूल वेतन व पेंशन में शामिल नहीं होते, इसलिए इन्हें वापस लेने का फैसला लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी दी थी व्यवस्था :
कर्मचारियों ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गुहार भी लगाई लेकिन फैसला उनके खिलाफ हुआ। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अब तक गई राशि रिकवर नहीं होगी परंतु आगे से वेतन और पेंशन दोबारा फिक्स हो सकती है। इस फैसले से 9000 कर्मचारी और 4000 पेंशनर्स प्रभावित होंगे।