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कोटा. शहर में सोमवार को सुबह नौ से बारह बजे तक बिजली कटौती का असर आम जनजीवन पर तो पड़ा ही साथ ही सरकारी महकमों पर भी हुआ। यहां बिजली नहीं होने से केवल कंप्यूटर आधारित कार्य ही ठप नहीं रहा बल्कि इसके अलावा भी कर्मचारी कुछ नहीं कर सके। सबका यही कहना था कि अंधेरे में बैठकर काम नहीं हो सकता।
इसके अलावा गृहणियों को भी परेशानी आई। सुबह नौ से बारह बजे का समय ही बच्चों को स्कूल भेजने से लेकर खाना तैयार करना होता है। बिजली के बिना यह सब मुश्किल से हुआ। सोमवार को भास्कर टीम ने सुबह दस से 12 बजे के बीच कई कार्यालयों की स्थिति को जाना-
कलेक्ट्रेट-अस्पताल में कटौती नहीं
जयपुर विद्युत वितरण निगम ने आवश्यक सेवाओं को बिजली कटौती से मुक्त रखा है। इसमें एमबीएस अस्पताल, सर्किट हाउस तथा कलेक्ट्रेट को बिजली कटौती से छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त अकेलगढ़ मुख्य जलवितरण केन्द्र पर भी कटौती नहीं की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कटौती में संभागीय आयुक्त कार्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय भी शामिल है।
>> वैसे तो विद्युत की क्षमता के अनुसार ही सप्लाई हो सकेगी। ऑफिस के समय लाइट नहीं होने से काम जरूर प्रभावित होगा। इस बारे में चर्चा कर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
—राकेश जायसवाल, एडीएम प्रशासन
>> विद्युत कटौती के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। हालांकि सोमवार को लोगों ने उनसे संपर्क किया था। यह समय मुख्यालय से निर्धारित है।
—एके गुप्ता, एसई, जयपुर डिस्कॉम
सुबह के समय बिजली की कटौती अधिक अखरती है। इसी समय से दैनिक क्रियाएं व भोजन आदि की तैयारियां शुरू होती हैं।
—शांति देवी ओझा, तलवंडी
>> पानी गर्म करने और ब्रेक फास्ट तैयार करने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समय कटौती नही होनी चाहिए।
—रीता भार्गव, स्टेशन
>> यह गृहणियों के लिए पीक टाइम होता है। उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कई कार्य करने होते हैं, इस समय बिजली जरूरी होती है।
—गीता देवी, वल्लभवाड़ी