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कोटा.
रसद विभाग ने गैस एजेंसियों पर सख्ती करने के बाद गैस की कालाबाजारी करने वालों पर छापे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत पहली छापामार कार्रवाई विज्ञाननगर इलाके में की गई। यहां से नौ घरेलू गैस सिलेण्डर 14 छोटे सिलेण्डर व अन्य उपकरण जब्त किए गए।
रसद अधिकारी डी.एल. मीणा ने बताया कि शहर में एक दर्जन ऐसे उपभोक्ता है जिन्होंने पचास-पचास घरेलू गैस सिलेण्डरों का संग्रहण किया हुआ है। इनकी सूची तैयार करवाई जा रही है। इन उपभोक्ताओं ने आस-पास के लोगों व कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों की डायरियां अपने पास ले रखी है।
कच्ची बस्ती वालों को तीन माह में एक सिलेण्डर की आवश्यकता होती है, जबकि यह उपभोक्ता इस डायरियों के माध्यम से गैस एजेंसी से हर माह सिलेण्डर उठाते हैं। उन्हें ब्लैक करके मिलने वाली राशि में से कुछ हिस्सा संबंधित कनेक्शन धारी को दे दिया जाता है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
इसकी सूचना मिलने के बाद विभाग ने एक जांच दल गठित किया है। जांच दल ने सोमवार को छत्रपुरा तालाब, ईएसआई डिस्पेंसरी के पीछे स्थित फिरोज अंसारी के मकान नंबर 1-ए-5 पर छापा मारा। यहां बड़े गैस सिलेण्डर से छोटे सिलेण्डरों में गैस भरी जाकर बेची जाती थी।
उन्होंने बताया कि फिरोज अंसारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्रकरण तैयार किया गया है। रसद अधिकारी ने बताया कि अन्य क्षेत्रों में कुछ और लोगों के गैस सिलेण्डर ब्लैक करने की जानकारी मिली है। उनके खिलाफ इसी सप्ताह कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
क्या-क्या मिला
जांच दल ने मौके से आईओसी के दो, एचपीसी के 2 तथा बीपीसीएल के पांच सिलेण्डर जब्त किए गए। इसके साथ ही वहां रखे चार किलो क्षमता वाले 14 सिलेण्डर, गैस ट्रांसफर करने वाले 14 रिफीलर, एक तराजू एवं तीन बांट 1-1 किलो के दो, एवं पांच सौ ग्राम का एक बांट सीज किया है।