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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. आरोपी 15 दिसंबर से 7 जनवरी तक 90-90 हजार रुपए के डिमांड ड्राफ्ट भुनाते रहे और बैंक प्रबंधकों को धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी। लगातार आ रहे ड्राफ्टों के फर्जी होने का शक होते ही बैंक अधिकारियों ने सोमवार को वासुदेव मंडल नामक युवक को पकड़कर मौदहापारा पुलिस के हवाले कर दिया। मामला थाना क्षेत्र का नहीं होने की वजह से चौरसौबीसी का जुर्म दर्ज कर गोलबाजार थाने को ट्रांसफर कर दिया गया। वासुदेव का साथी बिल्लू उर्फ टीकम सिंह फरार बताया गया है।
आरोपी वासुदेव नारायणपुर का रहने वाला है। वह शांतिनगर निवासी अपने किसी रिश्तेदार के तीन-चार साल से यहां रह रहा है। मुर्गी पालन का धंधा करते हुए बिल्लू से उसकी दोस्ती हो गई। बिल्लू शांतिनगर में नदीम के घर किराए से रहता है। वह महासमुंद का है। वासुदेव और बिल्लू को कहीं से उनको सहकारी बैंक द्वारा जारी कोरी डिमांड ड्राफ्ट बुक हाथ लग गई। इसके जरिए रकम निकालने के लिए लालगंगा कांप्लेक्स स्थित फैडरल बैंक की शाखा में वासुदेव के अकाउंट का इस्तेमाल किया।
ड्राफ्ट फैडरल बैंक में जमा होता। वहां से एसबीआई के मार्फत यह ड्राफ्ट क्लियरेंस के लिए सहकारी बैंक भेजा जाता। इस तरह उन्होंने 20-22 दिनों में 20 लाख 60 हजार रुपए निकाल लिए। आरोपियों के खिलाफ सहकारी बैंक के प्रबंधक प्रदीप कुमार की शिकायत पर गोलबाजार थाने में धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया गया है।
बैंक प्रबंधन जांच के दायरे में :
उरला सीएसपी बीबीएस राजपूत ने बताया कि वासुदेव के अकाउंट में केवल 200 रुपए होने के बावजूद वह लाखों रुपए निकालता रहा। इस मामले में सहकारी बैंक ही नहीं फेडरल बैंक के प्रबंधन को जांच के दायरे में रखा गया है।
महासमुंद से ड्राफ्ट बुक चोरी :
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सहकारी बैंक की महासमुंद शाखा से किसी खातेदार के नाम जारी डिमांड डाफ्ट बुक चोरी हुई है। पुलिस को शक है कि धोखाधड़ी के आरोपियों ने इसी बुक का इस्तेमाल किया। इस मामले में वहां के शाखा प्रबंधक से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।