इंदौर.
एमवायएच की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बुधवार को हुई मेराथन बैठक में पेशेंट मैनेजमेंट, सफाई, सुरक्षा और आउट सोर्सिग पर नई योजना का खाका तैयार किया गया। इसमें हॉस्पिटल के अलावा कमिश्नर कार्यालय, नगर निगम और आईडीए से जुड़े आर्किटेक्ट भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री द्वारा अव्यवस्थाओं के मामले में डीन को निलंबित किए जाने के बाद से ही एमवायएच की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कवायद तेज हो गई है। बुधवार सुबह 11 बजे अधीक्षक कक्ष में फिर एक बैठक हुई, जिसमें सुधार के लिए बनी पुरानी योजनाओं और मौजूदा जरूरतों पर चर्चा की गई। खंडवा हॉस्पिटल के अनुभव को देखते हुए कमिश्नर ने निगम उपायुक्त विवेकसिंह को खास तौर पर भेजा था।
बैठक में बाहर से आने वाले मरीज के परिजन के लिए आयुष्मति या रैन बसेरा जैसी व्यवस्था करने की आवश्यकता जताई गई। फिलहाल बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन जहां जगह मिलती है वहीं सो जाते हैं। हॉस्पिटल में सुविधाघर की कमी भी गंदगी का बड़ा कारण है। इस वजह से चार-पांच प्रमुख जगहों पर सुविधाघर बनाने पर भी सहमति हुई है।
इसके अलावा सुरक्षा व सफाई में स्टॉफ की कमी भी बड़ा मुद्दा रहा। हॉस्पिटल भवन में सीपेज और स्कूल ऑफ नर्सिग की ड्रेनेज समस्या पर भी बात की गई। आउटसोर्सिग पर भी विचार-विमर्श किया गया। फिलहाल आउटसोर्सिग की मदद से एमआरआई, सीटी स्केन जैसी आधुनिक जांच की जा रही हैं लेकिन आम मरीजों को इनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इसे और बेहतर बनाने पर बात हुई। बैठक में अधीक्षक डॉ. सी.वी. कुलकर्णी, उपअधीक्षक डॉ. के.के. वर्मा, डॉ. एन.सी. जोशी, डॉ. डी.के. शर्मा, निगम के वेस्ट डिस्पोजल मैनेजर अजहर वारसी, आर्किटेक्ट दीवान मौजूद थे।
इन पर हुई चर्चा
बाहर से आने वाले मरीजों के परिजन के लिए रेन बसेरा।
गंदगी पर नियंत्रण के लिए चार-पांच स्थानों पर सुविधागृह निर्माण।
सुरक्षा व सफाई में स्टॉफ बढ़ाना।
आउटसोर्सिग से नई सुविधा जुटाना।
बंद पड़ी मशीनों की मरम्मत।