जयपुर.
गुर्जरों के जयपुर में 21 जनवरी से होने वाले महापड़ाव को टालने के लिए भाजपा से जुड़े गुर्जर नेता सक्रिय हो गए हैं। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री कालूलाल गुर्जर, विधायक हरज्ञानसिंह और दाताराम गुर्जर ने बुधवार रात को भाजपा महामंत्री रामपाल जाट के साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के थके होने के कारण बुधवार रात को इन लोगों की पूरी बात नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री ने इनको गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे बुलाया है।
ये गुरुवार को मुख्यमंत्री से मिलकर सांसद अग्रवाल के उस सुझाव पर अमल करने को कहेंगे, जिसमें उन्होंने अजजा के बराबर पात्रता रखने वाली जातियों को डी-नोटिफाइड जनजाति मानकर आरक्षण का लाभ देने को कहा है। ये गुर्जर नेता इस बात से सहमत हैं कि जब तक गुर्जरों को संवैधानिक रूप से जनजाति में आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक राज्य सरकार उन्हें अपने स्तर पर जनजाति के बराबर सुविधाएं दे। इसके तहत राज्य सरकार गुर्जरों को राज्य सेवा में विशेष आरक्षण देने की घोषणा भी कर सकती है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री कालूलाल गुर्जर ने बताया कि मुख्यमंत्री से आज बात नहीं हो सकी। अब कल मुलाकात करेंगे। वे गुर्जर आंदोलन के संबंध में ही कुछ सुझाव देना चाहते हैं। भाजपा महामंत्री रामपाल जाट ने बताया कि ये गुर्जर नेता अपनी ओर से मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव देना चाहते हैं।क्या सुझाव देंगे, यह गुरुवार को ही पता चलेगा। विधायक हरज्ञानसिंह गुर्जर ने बताया कि सांसद अग्रवाल का सुझाव ठीक है। इस पर अमल होना चाहिए। आरक्षण की सिफारिश भेजने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री से बात करेंगे।