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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
सेंट्रल जेल में कैदियों से मोबाइल मिलने का सिलसला नहीं थम रहा है। सोमवार को फिर एक कैदी को जेल प्रहरियों ने मोबाइल से बात करते पकड़ा, लेकिन उससे सिमकार्ड मिलने की जानकारी नहीं दी जा रही है। नक्सली नेता नारायण सान्याल से मोबाइल बरामद होने के बाद भी जेल अधिकारियों ने बैरकों की सरगर्मी से जांच नहीं की है। इसके कारण अब भी जेल में मोबाइल का प्रयोग हो रहा है।
हालांकि अब यह छिपाकर किया जाता है। बैरक नंबर 3 के एक कैदी से सोमवार को मोबाइल जब्त किया गया। बताया जाता है, उसने सिमकार्ड निगल लिया है। दंतेवाड़ा जेल ब्रेक की घटना के बाद जेल के बैरकों की गहन जांच की गई थी। इस समय कैदियों ने अपने मोबाइल बाहर फेंक दिए थे, अन्यथा जेलकर्मियों की मदद से ही उन्हें बाहर कर दिया गया था। घटना के बाद ही कलेक्टर सुबोध सिंह, एसपी प्रदीप गुप्ता व अधिकारियों ने जेल की जांच की थी, तब उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की थी।
समय-समय पर जेल में सायरन बजाकर आकस्मिक जांच की जाती है, लेकिन यह केवल दिखावा साबित हो रहा है। सूत्रों की मानें तो उच्चधिकारियों के बजाय कर्मचारियों की मिलीभगत से यह संभव हो रहा है। बाबा (जेलकर्मी) की मदद से ही मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक सामान भीतर पहुंचाया जाता है। जेल प्रहरियों ने बाउंड्री से स्वेटर में लपेटकर मोबाइल फेंक रहे दो युवकों को पकड़ा था।
उस समय यह बताया जा रहा था कि जेल में इसी तरीके से मोबाइल पहुंचाया जाता है, जबकि पहले या बाद में कभी मोबाइल फेंकते नहीं पकड़ा गया है। मोबाइल मिलने के बाद जांच के लिए उसे पुलिस को सौंप दिया जाता है। अब तक पुलिस के पास दर्जनभर मोबाइल सौंपे जा चुके हैं, लेकिन किसी मामले में कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। डीआईजी जेल बीएस मरावी का कहना है कि जेल में मोबाइल मिलने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। कभी भी डीजी जेल एसके पासवान जेलों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं।
अब तक मिले मोबाइल:
जेलकर्मियों ने 30 अक्टूबर को नारायण सान्याल से मोबाइल बरामद किया गया था। जांच में बाथरूम में चार्जर भी मिला, लेकिन सिमकार्ड बरामद नहीं हो सका था। यह मोबाइल एसपी प्रदीप गुप्ता को सौंप दिया गया था।इसी तरह 7 दिसंबर को स्वेटर में 2 हैंडसेट लपेटकर सेंट्रल की चारदीवारी से भीतर फेंक रहे दो युवकों को पकड़ा गया था। जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने भी जेल गेट के सामने आपत्तिजनक वस्तु व मोबाइल लेकर जाते एक युवक को पकड़ा था।
क्या हुआ आदेश का?
16 दिसंबर को दंतेवाड़ा जेल ब्रेक की घटना के बाद गृहमंत्री रामविचार नेताम ने बयान दिया था कि जेल में मोबाइल मिलने पर वहां के जेलर व अधीक्षक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले कटघोरा व सूरजपुर के असिस्टेंट जेलरों को बर्खास्तगी का नोटिस भी दिया गया था।
सेंट्रल जेल में भी दर्जनभर से अधिक मोबाइल बरामद हो चुके हैं, लेकिन इसकी गाज दो प्रहरियों पर गिरी थी और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। यहां नारायण सान्याल समेत दो हार्डकोर नक्सली बंद हैं, लेकिन मोबाइल मिलने पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।