अजमेर.
दरगाह क्षेत्र में मोहर्रम की शुरूआत के प्रतीक के रूप में बुधवार को पारंपरिक रस्मों के साथ निकाले गए चौकी के जुलूस में आशिकान-ए-हुसैन उमड़ पड़े। मगरिब की नमाज के बाद सलाम पेश किया गया। मोहर्रम का चांद नजर नहीं आने पर अब ताजिये की सवारी 20 जनवरी को निकाली जाएगी। दरगाह गेस्ट हाउस से अस्र की नमाज के बाद चौकी का जुलूस रवाना हुआ।
ख्वाजा साहब की मजार के गिलाफ से ढकी चौकी अकीदतमंद सिर पर उठाए हुए थे। चौकी पर अकीदत के फूल चढ़ाने वालों का तांता लगा हुआ था। जुलूस में शामिल अनेक खुद्दाम-ए-ख्वाजा हरे लिबास पहने हुए थे। मकानों के झरोखों से जुलूस का नजारा देख रहीं महिला अकीदतमंद हाथ जोड़े दुआ मांग रही थीं। दरगाह की छत पर भी जुलूस देखने वालों का हुजूम लगा हुआ था। रोशनी की दुआ से पूर्व ही जुलूस लंगरखाना पहुंचा। यहां भी खासी तादाद में महिला अकीदतमंद मौजूद थीं। चौकी इमाम बारगाह में रखी गई।
..और दुआ के लिए उठे हाथ
लंगरखाना पहुंचते ही जैसे ही रोशनी की दुआ के लिए शाहजहांनी गेट से बजाए नगाड़े की आवाज आई, सभी अकीदतमंदों ने दुआ के लिए हाथ उठाए और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दुआ की।
सलाम कराने की होड़
चौकी के जुलूस में शरीक अनेक खादिम मासूमों को गोद में लिए हुए थे। इमाम हुसैन का सलाम कराने के लिए वालदैन में होड़ लगी थी। अहाता-ए-नूर में हुआ सलाम
मगरिब की नमाज के बाद अहाता-ए-नूर में सलातो-सलाम पेश किया गया।
ताजिये 20 जनवरी को
मगरिब की नमाज के बाद दरगाह में हिलाल कमेटी की बैठक शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी की सदारत में हुई। सिद्दीकी ने बताया कि चांद नजर नहीं आया है। यौम-ए-आशूरा 20 जनवरी को होगी। इस दिन ताजिये निकाले जाएंगे और दूसरे दिन सुबह सैराब किए जाएंगे।
शेखजादगान तैनात करेगी 20 गार्ड
अंजुमन शेखजादगान दरगाह में मिनी उर्स के दौरान 20 गार्ड लगाएगी। यह निर्णय बुधवार को अंजुमन की बैठक में लिया गया। परिसर में 1 मोहर्रम से 12 मोहर्रम तक गार्ड लगाए जाएंगे। मोहर्रम की व्यवस्थाएं संभालने के लिए अंजुमन के संयुक्त सचिव शेखजादा नसीम अहमद चिश्ती को कन्वीनर बनाया गया है।
दरगाह का लंगरखाना गेट खोला
बम कांड के बाद बंद कर दिए गए गरीबनवाज की दरगाह के तीन दरवाजों में एक लंगरखाना गेट जिला प्रशासन ने बुधवार दोपहर मोहर्रम की रस्म के लिए खोल दिया। रस्म के बाद रात को गेट फिर बंद कर दिया गया। यह व्यवस्था 22 जनवरी तक जारी रहेगी। दोपहर पौने तीन बजे एडीएम सिटी स्नेहलता पंवार, दरगाह नाजिम अहमद रजा और पुलिस अफसर गेट खुलवाने के लिए दरगाह पहुंचे।
खुद्दाम-ए-ख्वाजा गेट खोलने के फैसले पर खुशी जताई है। गेट पर पुलिस तैनात की गई थी। मेटल डिटेक्टर के जरिये जायरीन की जांच की जा गई। दरगाह परिसर में खुलने वाले गेट पर कमेटी के गार्ड तैनात किए गए।
तीन महीने बाद..
दरगाह में 11 अक्टूबर को हुए बम धमाके के बाद सुरक्षा इंतजाम की कड़ी में लंगरखाना, सोलहखंभा और झालरा गेट बंद कर दिए गए थे। इसके विरोध में दरगाह और अंदरकोट क्षेत्र के पार्षदों नेतृत्व में आंदोलन भी किया गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने गेट खोलने की इजाजत नहीं दी। तीन जनवरी को हुई बैठक में प्रशासन ने मोहर्रम की रस्मों के दौरान जरूरत के मुताबिक गेट खोलने का आश्वासन दिया था।
असमंजस बरकरार
दरगाह का लंगरखाना गेट कब तक खुला रहेगा, इस पर असमंजस बरकरार है। माना जा रहा है कि 22 जनवरी तक गेट खुला रहेगा। नाजिम अहमद रजा ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन के आदेशों का इंतजार है।
धरे रह गए सुरक्षा इंतजाम
चौकी के जुलूस के दौरान सुरक्षा इंतजाम धरे रह गए। भीड़ के कारण पुलिसकर्मी लोगों की जांच नहीं कर पाए।