डूंगरपुर. अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण आज दूसरे दिन भी न्यायिक कार्यो के निस्तारण में बाधा पहुंची। इससे दूर-दराज के स्थानों से पेशियों के लिए अदालत तक पहुंचे परिवादियों, गवाहों को भारी परेशानी हुई। वकीलों द्वारा न्यायिक कार्यो के बहिष्कार के कारण उन्हें न्यायालय से पेशी की अगली तारीख लेकर निराश लौटना पड़ा। वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं ने भी अपना कार्य केवल पेशियों की अगली तारीख लेने तक सीमित रखा।
उन्होंने अपने चेंबर में बैठकर अन्य कामकाज निपटाए। दोपहर बाद बार एसोसिएशन की सभा हुई। जिसे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी, वरिष्ठ अधिवक्ता कांतिशंकर शुक्ला, भंवरलाल पंड्या, सुंदरसिंह भंडारी, अल्लानूर मंसूरी, शंकर यादव सहित अन्य अधिवक्ताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने अजमेर में वकीलों पर हुई लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में भत्र्सना की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता वर्ग समाज के बुद्धिजीवी वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है।
ऐसे में जब उनके साथ पुलिस का इतना अमानवीय व्यवहार है तो आमजन के साथ पुलिस का रवैया कैसा होगा। ऐसी घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए जिला बार एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री व बार कौंसिल को ज्ञापन भेजे जाने का निर्णय लिया गया।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष मयंक दोसी ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता दीनबंधु गुप्ता, नारायणलाल दोसी, चेतनलाल जैन, विजय कुमार जैन, दिनेशचंद्र दोसी, चंद्रप्रकाश गांधी, नवनीत जैन, चंद्रशेखर शुक्ला, आजाद शाह, अशोक कंसारा, बक्षीराम रोत, फिरोज खां पठान सहित सभी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यो का बहिष्कार किया।
वकीलों पर लाठियां भांजने की निंदा
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकर यादव ने पुलिस कर्मियों द्वारा अजमेर में निर्दोष वकीलों पर लाठियां बरसाने की निंदा करते हुए इसे पुलिस की घटिया मानसिकता बताया है। यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राज्य में बर्बरता पूर्वक बेगुनाहों पर पुलिसिया कहर बरपाया जा रहा है। राज्य सरकार आंखे मूंद कर तमाशा देख रही है। केवल पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण करने मात्र से ही इस घटना की इतिश्री नहीं होती। यादव ने राज्य सरकार से घटना पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।