नारनौंद.
पेटवाड़ गांव में मंगलवार को दलितों के दो घर गिराने व सामान उठा ले जाने के मामले के दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में तनाव बरकरार रहा। पीड़ित पक्ष ने जहां आंदोलन के लिए कमेटी गठित की है, वहीं दूसरे पक्ष ने शांति प्रक्रिया के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
दूसरी तरफ टूटे हुए घरों को प्रशासन द्वारा नए सिरे से बनवाने के प्रस्ताव को पीड़ित पक्ष ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वे इस प्रकार की सहायता नहीं लेंगे। बुधवार को गांव में भारी पुलिस बल के बावजूद तनाव बरकरार रहा।
इसी बीच एसडीएम अशोक कुमार गर्ग की कमेटी टूटे हुए मकानों को नए सिर से बनाने के लिए सामान लेकर जब पीड़ित पक्ष के पास गई तो मकान मालिक जिले सिंह व जय सिंह ने यह कहते हुए मकान बनवाने से इनकार कर दिया कि जब तक मकान तोड़ने वालों को गिरफ्तारी नहीं होगी, वे खुले में रहकर ही गुजारा करेंगे।
उधर, सांसी समुदाय के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर जिले सिंह के नेतृत्व में 21 सदस्यों की एक एक्शन कमेटी का गठन किया है, जिसमें युवा लोजपा के प्रदेशअध्यक्ष भीम सिंह महेशवाल, एससी ए ब्लाक की महापंचायत के सदस्य पालेराम, पूर्व सरपंच बलवंत सिंह, रामकरण, हवा सिंह उगालन आदि को शामिल किया गया है।
कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया है कि दो दिन के अंदर यदि प्रशासन ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन ने बुधवार को सांसी समुदाय के लोगों व मकानों की सुरक्षा के लिए डीएसपी रणबीर हुड्डा, डीएसपी सूबे सिंह लोहान, डीएसपी रामफल के नेतृत्व में नारनौंद थाना प्रभारी विनोद शंकर, सदर हांसी थाना प्रभारी अजरुन सिंह, सीआईए थाना प्रभारी कपूर सिंह, चार पीसीआर व अतिरिक्त रिजर्व तैनात कर दी।
इन सारी गतिविधियों के बीच ग्रामीणों ने बड़ी चौपाल में पंचायत करके 50 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें गांव की सभी जातियों को शामिल किया गया है। यह कमेटी प्रशासन व सांसी समुदाय के लोगों के बीच जाकर मामले को शांतिप्रिय ढंग से निपटाने का प्रयास करेगी।