नई दिल्ली. भारत सरकार ने फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी के प्रवास के दौरान उनकी प्रेमिका व पूर्व मॉडल कार्ला ब्रूनी को प्रथम महिला का सम्मान देने से इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों का जायजा लेने आए दल को सरकार ने सूचित कर दिया है कि ब्रूनी का स्वागत केवल प्रतिनिधिमंडल की एक सदस्य के रूप में ही किया जाएगा। सरकोजी इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
क्या कहते हैं नियम :
गणतंत्र दिवस परेड नियमों के प्रोटोकॉल के तहत भारत के राष्ट्रपति का जीवनसाथी मुख्य अतिथि के जीवनसाथी को वीवीआईपी प्रांगण तक साथ ले जाता है। वहां वे दोनों भारत के प्रधानमंत्री के साथ परेड का अवलोकन करते हैं।
अगर ब्रूनी को दर्जा दिया जाता :
यदि ब्रूनी को प्रथम महिला का दर्जा दिया जाता तो राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के पति देवी सिंह शेखावत उन्हें प्रथम पंक्ति तक ले जाते। साथ ही राष्ट्रपति भवन में आयोजित शाही भोज में भी उन्हें राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के पास स्थान दिया जाता। इससे देश में एक नया विवाद पैदा होने की आशंका रहती।
भारत की मजबूरी समझता है फ्रांस:
फ्रांस ने भी इस बात को माना है कि बिना किसी वैध संबंध के सरकोजी और ब्रूनी का साथ होना भारत में नकारात्मक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है। हालांकि अब तक फ्रेंच सरकार ने इस बात की पुंिष्ट नहीं की है कि सरकोजी के साथ ब्रूनी भारत आएंगी अथवा नहीं। इस बीच, भारत सरकार ने फ्रेंच अधिकारियों से यह जरूर कह दिया है कि वह ब्रूनी के लिए अलग से विशेष व्यवस्था के लिए तैयार है।