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आबकारी विभाग को मिलेंगी 80 बंदूकें

ग्वालियर.gun दस माह पूर्व शस्त्र खरीदे जाने के वित्तीय प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विभाग ने 80 बंदूकें खरीदने एवं उनके कारतूस के लिए जबलपुर स्थित आयुध फैक्टरी एवं पूना स्थित कारतूस फैक्टरी को 31 लाख 33 हजार रुपए का ड्राफ्ट भेज दिया है। इस माह के अंत तक आबकारी विभाग के पास 80 बंदूकें आ जाएंगी।

चार वर्ष पूर्व तत्कालीन आबकारी आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने आबकारी अमले पर अवैध शराब माफिया के हमलों से निपटने के लिए 78 लाख रुपए के हथियार खरीदे जाने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय के पास भेजा था। श्री श्रीवास्तव ने प्रस्ताव को गृह मंत्रालय से स्वीकृति भी दिला दी थी। बाद में वाणिज्यिक कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे प्रस्ताव रुक रुका रहा।

श्री श्रीवास्तव की जगह आए आबकारी आयुक्त टी. धर्माराव ने प्रयासों को विराम नहीं दिया, और प्रस्ताव को मंजूरी दिलाई। हालांकि प्रस्ताव पर बीच-बीच में डाले जा रहे अड़ंगे की जानकारी जब मुख्यमंत्री को मिली तो उन्होंने इसमें दखल देते हुए 80 बंदूकें खरीदे जाने के लिए वांछित राशि मंजूर की।

आयुध फैक्टरी को 31 लाख की डीडी भेज दी गई है। पहली किस्त में 80 बंदूकें खरीदी जा रही हैं। दूसरी किस्त में सुरक्षा बतौर और भी हथियार खरीदे जाएंगे।
—टी. धर्माराव,आबकारी आयुक्त मप्र

कम्प्यूटराइजेशन के लिए 15 करोड़ रुपए

कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग को परिवहन विभाग की तरह हाईटेक किया जा रहा है। विभाग में कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तेज हो गया है। सूत्रों ने बताया कि इस कार्य के लिए राज्य सरकार ने 15 करोड़ रुपए आबकारी विभाग को दिए हैं। कम्प्यूटराइजेशन का कार्य मुंबई की एक कंपनी को दिया गया है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिला आबकारी कार्यालयों से जानकारी एकत्र की गई है। नए वित्तीय वर्ष के लिए लागू आबकारी नीति में राज्य सरकार ने आबकारी विभाग को 160 वाहन से बढ़ाकर 180 वाहन किराए पर लेने की अनुमति दे दी है।





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