News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. भारत सरकार ने देश में क्लब कल्चर को बढ़ावा देने और गांवों से खिलाड़ी निकालने का जिम्मा भारतीय ओलिंपिक संघ को दिया है। इंटरक्लब नेशनल गेम्स इसी रणनीति का हिस्सा है। सेंट्रल जोन की इस स्पर्धा की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। राज्य बनने बाद छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ पहली बार राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा का आयोजक रहेगा। यह स्पर्धा अक्टूबर-नवंबर 2009 में होगी। इसमें सात चुनिंदा खेल शामिल किए गए हैं।
भारत सरकार ने जर्मनी की तर्ज पर गांवों में क्लब गठित करने के कांसेप्ट को खेल नीति में शामिल किया है। गांवों से चुनी गई टीम ब्लाक स्तर की स्पर्धा में शामिल होगी। ब्लाक की चुनिंदा टीम जिला स्तर पर खेलेगी। इसके बाद जिला टीम बनाई जाएगी, जो अंतरजिला स्पर्धाओं में हिस्सा लेगी। इस स्पर्धा से राज्य की टीम सलेक्ट कर ली जाएगी। यह टीम जोनल इंटरक्लब नेशनल गेम्स में भाग लेगी। जोनल की टीम फिर इंटरक्लब नेशनल गेम में शामिल होगी।
छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा तथा सचिव बशीर अहमद खान ने बताया कि इसके आयोजन के लिए पूरे देश को नार्थ-ईस्ट, ईस्ट, साउथ, वेस्ट, सेंट्रल व नार्थ समेत कुल छह जोन में बांटा गया है। छत्तीसगढ़ को सेंट्रल जोन में रखा गया है। इसमें दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरांचल व उत्तरप्रदेश शामिल हैं।
टूर्नामेंट में सात खेलों वालीबाल (पुरुष), फुटबाल (पुरुष), हैंडबाल (पुरुष), बास्केटबाल (पुरुष), कबड्डी (महिला-पुरुष), हाकी (महिला-पुरुष) व खो-खो (महिला-पुरुष) को शामिल किया गया है। सचिव ने बताया कि प्रदेश ओलिंपिक संघ यह आयोजन खेल विभाग के सहयोग से करेगा। शीघ्र ही गांवों में सभी सात खेलों के क्लब गठित किए जाएंगे। जहां जिला ओलिंपिक संघ नहीं है, वहां जिला इकाई गठित होगी।
इस साल के अंत तक सभी स्पर्धाएं आयोजित कर राज्य क्लब टीम बना ली जाएगी। इसके उपरांत सेंट्रल जोनल इंटरक्लब नेशनल गेम का आयोजन रायपुर में किया जाएगा। इसमें प्रदर्शन के आधार पर सेंट्रल जोन की टीमें बनाई जाएंगी, जो 2010 में उत्तरांचल में होने वाले पहले इंटरक्लब नेशनल गेम्स में हिस्सा लेंगी।