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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
मारे गए श्रमिकों के मुआवजे से असंतुष्ट युवक कांग्रेसियों को रोकने के लिए आज शाम पुलिस को लाठियां लहरानी पड़ीं। इसमें आधा दर्जन से ज्यादा युवकों को मामूली चोटें आईं। इसके बाद बौखलाए युवकों ने आसपास से बड़े पत्थर और बोल्डर उठाकर फैक्ट्री के प्रशासनिक भवन पर बरसा दिए। तोड़फोड़ चल रही थी, तब पुलिस ने गिरफ्तारी शुरू कर दी। दर्जनभर से ज्यादा युवकों को उरला थाने लाया गया, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया।
इस्पात गोदावरी प्रबंधन से मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 2 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी दर्जनों युवक कांग्रेसियों के साथ कारखाने के सामने पहुंचे। वहां तैनात फोर्स ने सबको रोक दिया। युकांइयों ने कारखाने के मालिक से मिलने की मांग की और आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने रोकना चाहा तो दोनों पक्षों में झड़प हो गई। बताते हैं कि दोनों पक्षों में हाथापाई के बाद पुलिस ने लाठियां लहरा दीं।
इससे युवक और बौखला गए तथा प्रशासनिक भवन पर धावा बोल दिया। जबर्दस्त पथराव से उन्होंने भवन के शीशे तो चकनाचूर किए ही, वाहनों में भी तोड़फोड़ कर दी। पुलिस का दावा है कि युवक वाहनों में आग लगाने की कोशिश कर रहे थे। इसलिए गिरफ्तारी का फैसला लेना पड़ा।
एक और की मौत
गोदावरी इस्पात में शनिवार को हुए हादसे में गंभीर अवस्था में आंबेडकर अस्पताल में दाखिल कराए गए उत्तम निषाद (25) की आज मौत हो गई। मृतक सिमगा के पास कचलोन गांव का रहनेवाला था। उसे मिलाकर फैक्ट्री हादसे में मरनेवालों की संख्या 8 हो गई। दो घायल नीलकंठ ठाकुर और परसराम ठाकुर का अब भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों खुर्सीपार भिलाई के निवासी हैं। उनकी हालत नाजुक बताई गई है।
गिरफ्तारी की मांग
युवक कांग्रेस ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही से हादसा हुआ। इस मामले में कंपनी के प्रबंधकों और संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी नहीं होती, युवक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
ठेका प्रथा जिम्मेदार
पूर्व मंत्री विधान मिश्रा ने फैक्ट्रियों में चल रही ठेका प्रथा को इस घटना की वजह बताते हुए प्रथा बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठेकेदार खतरनाक जगहों पर मजदूरों का इस्तेमाल करते हैं और खतरे से उन्हें अवगत नहीं कराते। इसलिए ऐसे हादसे हो रहे हैं। धरसीवां इलाके के जनप्रतिनिधियों ने एक बैठक बुलाकर फैक्ट्री प्रबंधकों की गिरफ्तारी की मांग की है।
चंद्रशेखर शुक्ला, भीम वर्मा, मनोज बंजारे, भाजयुमो धरसींवा मंडल के अध्यक्ष हेमंत चंद्रवंशी, सरपंच संघ अध्यक्ष अरविंद ठाकुर, दिलेंद्र बंछोर और गिरधर साहू ने मृतक परिवारों को पांच से दस लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही के मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
बंद किया जाए : जोगी
पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद अजीत जोगी ने प्रधानमंत्री, श्रम मंत्री, उद्योग मंत्री व मुख्यमंत्री को को पत्र लिखकर ऐसे उद्योगों को तत्काल बंद करने की मांग की है, जहां मजदूरों की जानें जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गोदावरी इस्पात को तकनीकी कंसलटेंट से क्लीयरेंस लिए बिना ही चालू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख और घायलों को 5-5 लाख रुपए की अंतरिम सहायता की मांग की।
सरकार गंभीर नहीं : वीसी
पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता विद्याचरण शुक्ल ने आरोप लगाया कि ज्यादातर कारखानों के प्रबंधक स्थानीय नेताओं को संतुष्ट करने के लिए उनकी सिफारिश पर काम ठेके पर देते हैं। ठेकेदारों को पता नहीं होता कि क्या सावधानी बरतनी है। इसपर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आठ मजदूरों की मौत से यह भी साबित हुआ कि औद्योगिक सुरक्षा के मामले में सरकार बिलकुल गंभीर नहीं है।