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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
राजधानी रायपुर से दिल्ली की हवाई उड़ान भले ही डेढ़ घंटे में पूरी हो जाए, परंतु बिलापुर से रायपुर के महज 114 किलोमीटर का सड़क का सफर 3 घंटे से कम उबाऊ नहीं होता। रायपुर रोड की दुर्दशा को दूर कर सफर को आसान बनाने के लिए चल रही ‘फोर लेन’ की योजना इस साल शुरू नहीं हो पाएगी। नागरिकों को इसके लिए 2009 का इंतजार करना होगा।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने ‘दैनिक भास्कर’ से एक भेंट में बताया कि फोर लेन के लिए महकमे की ओर से डीपीआर(डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने का काम चल रहा है। केंद्रीय भूतल सड़क परिवहन मंत्रालय से योजना की खातिर अनुमति मांगी गई है, परंतु वह पेंडिंग है। उन्होंने साफ कहा कि गाड़ी केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय में जाकर ठहर गई है। मंत्रालय बिलासपुर-रायपुर रोड पर ट्रैफिक के आंकड़ों में लटका हुआ है। मंत्रालय इसके आंकड़े एकत्रित करने में जुटा हुआ है।
बकौल श्री मूणत के यदि केंद्र फोर लेने बनाने के लिए राजी नहीं होता है, तो यह काम राज्य सरकार अपने पैसे करेगी। उन्होंने कहा कि हम आज भी इस पर कायम हैं परंतु इसके लिए हमें केंद्रीय स्वीकृति की जरूरत पड़ेगी। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने फोर लेन के निर्माण का प्रस्ताव 2009 के लिए रखा है। हमारी सड़क राष्टर्र्ीय राजमार्ग घोषित होकर उन्हें सौंपी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि नागरिकों के हित फोर लेन के लिए राज्य शासन केंद्र से इस सड़क को वापस लेने का प्रयास करेगी, परंतु यह लंबी प्रक्रिया है। कुल मिलाकर फोर लेन का मामला कम से कम 2008 में सुलझता नजर नहीं आ रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग-200 की ओर से सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है, परंतु इसके लिए अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
हाईकोर्ट ने भी कहा है-‘सड़क सुधारो’
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर रोड की मुश्किलें दूर करने के लिए सीनियर सिटीजन वर्सेस म्युनिसिपल कारपरेरेशन के मुकदमे में सरकार को सड़क सुधारने के आदेश दिए थे। यह 4 महीने पुरानी बात हो चुकी है। रायपुर रोड में हाईकोर्ट के नए भवन का इसी वर्ष लोकार्पण होना है। इसके बावजूद सड़क सुधार के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा है।