अजमेर. रसोई गैस की कीमत में करीब 20 रुपए के संभावित इजाफे से जिले के एक लाख 35 हजार उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ेगा। तेल कंपनियों द्वारा जिले में वितरकों को हर रोज करीब चार हजार सिलेंडरों की आपूर्ति दी जाती है। इस हिसाब से 80 हजार रुपए हर रोज उपभोक्ताओं की जेब से निकलते हैं। बीस रुपए की बढ़ोतरी होने पर इस राशि में और इजाफा हो जाएगा। हालांकि तेज कंपनियां 20 रुपए की बढ़ोतरी को नाकाफी मान रही है।
उन्होंने सरकार से 50 रुपए बढ़ाने की मांग कर रखी है, मगर वामपंथी कीमत में इतने इजाफे के पक्ष में नहीं हैं। मालूम हो कि रसोई गैस समेत पेट्रोल-डीजल तथा केरोसीन की कीमतों पर 17 जनवरी को प्रस्तावित बैठक में सरकार फैसला कर सकती है।
20 रुपए का इजाफा नाकाफी
तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें 14.5 किलोग्राम का सिलेंडर पांच सौ रुपए में पड़ता है। जबकि उपभोक्ताओं को यह 298.65 रुपए में ही उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रति सिलेंडर उपभोक्ता को करीब दो सौ रुपए का अनुदान दिया जाता है। बीस रुपए की वृद्धि से कंपनियों को ज्यादा लाभ नहीं होगा।बीस रुपए की संभावित वृद्धि से कंपनियों को खास फायदा नहीं होने वाला है, न ही रसोई गैस के अवैध इस्तेमाल में कोई कमी आने वाली है।
-प्रवीण गुलाटी ,क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी, आइओसी