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थार पर ’लगेज’ का भार

जोधपुर.luggage दोस्ती का सफर पर सप्ताह में एक बार आ रही थार एक्सप्रेस में सफर ने वाले यात्रियों की तादाद निरंतर बढ़ने के साथ ही उनसे ज्यादा आने वाला ‘लगेज’कस्टम विभाग व खुफिया एजेंसियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। शनिवार दोपहर बाद भारतीय सीमा में पहुंची थार में ढोए जा रहे सामान की जांच में ही 17 घंटे लग गए। ऐसे में यात्रियों को लेकर जोधपुर 6 घंटे विलंब से पहुंची।

पिछले साल जून और फिर दिसंबर में नकली नोट की खेप पकड़े जाने से कस्टम विभाग की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी थीं। फिर सीबीआई ने भी बीते दिनों नकली नोट मामले में मुनाबाव में आरोपी मां-बेटे के सामान की जांच करने वाले कस्टम काउंटर पर तैनात कस्टम अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। उसके बाद से मुनाबाव में तैनात कस्टम स्टाफ काफी सांसत में है। पुरानी एक्सरे मशीन सही तरीके से काम नहीं कर रही है। न्यूपोर्ट से आने वाली दूसरी मशीन उच्च अधिकारियों के मुताबिक अभी तक नहीं पहुंची है।

पाकिस्तानी यात्री अधिक
थार एक्सप्रेस में पाकिस्तान से आने वाले यात्री अधिक होते हैं और यहां से जाने वाली ट्रेन में भी अक्सर पाकिस्तानी यात्रियों की तादाद अधिक होती है। पिछले साल पाकिस्तान ने यात्रियों की संख्या तय की थी, मगर पिछले कई फेरों से पाकिस्तान से अधिक यात्री आ रहे हैं।

यात्रियों के अधिक सामान लाने और नकली नोट पकड़े जाने के बाद से अधिक सतर्कता व बारीकी से जांच करने में अधिक समय लगने लगा है।
—एस.के.सिंह, अपर आयुक्त, कस्टम विभाग

एक यात्री की जांच में बीस मिनट

कस्टम सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान से आने वाले हर यात्री के पास इतना सामान होता है कि कस्टम काउंटर पर एक यात्री की सामान को जांचने में 10 से 20 मिनट लग जाते हैं। शनिवार को पाकिस्तान से आई थार एक्सप्रेस में 572 यात्री आए। जीरो लाइन पर यात्रियों के कस्टम व इमीग्रेशन जांच में अधिक समय लगने की वजह से पाकिस्तान से थार एक्सप्रेस दोपहर बाद 4 बजे मुनाबाव पहुंच पाई।

जोधपुर से रवाना हुए यात्री मुनाबाव सुबह 7 बजे पहुंच चुके थे, लेकिन पाकिस्तान से विलंब से थार एक्सप्रेस के आने की वजह से अपने निर्धारित समय से 5 घंटे विलंब से वापस रवाना हो पाई। वहीं 4 बजे मुनाबाव अधिक यात्रियों के पहुंचने की वजह से वहां से कस्टम व इमीग्रेशन जांच में अधिक समय लगने से रविवार सुबह करीब 9: 00 बजे ट्रेन जोधपुर के लिए रवाना हो सकी। आम तौर पर सुबह 10 बजे तक जोधपुर पहुंचने वाली लिंक एक्सप्रेस अपराह्न् 3 बजे पहुंच पाई।

परोक्ष रूप से चल रहा व्यापार

पाकिस्तान से यहां आने वाले यात्री चप्पल, सूखे मेवे, सुपारी, कराची के कपड़े व फैंसी आइटम लाते हैं। यहां से पाकिस्तान जाने वाले यात्री अपने रिश्तेदारों के लिए बंधेज के कपड़े, नकली जेवर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम आदि ले जाते हैं। इसके अलावा कई लोगों ने पाकिस्तान जाकर सामान लाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। रेलवे हालांकि 35 किलो से अधिक सामान पर शुल्क लेने लगा है। इसके बावजूद सामान लाने की प्रवृत्ति और अधिक बढ़ गई है।





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