पाई (कैथल). प्रेम की बली चढ़े करोड़ा गांव के प्रेमी युगल मनोज व बबली हत्याकांड में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के लिए रविवार को बुलाई गई आधा दर्जन गांव के लोगों की पंचायत अनिर्णीत रही।
पंचायत में मनोज के परिजनों पर समझौता करने व उनका गांव द्वारा किए गए बहिष्कार को समाप्त करने पर जोर दिया गया। छह घंटे चली यह पंचायत का कोई नतीजा नहीं निकला और पंचायत विसर्जित हो गई।
इस पंचायत में गांव जाखौली, धनौदा, सत्ता खेड़ा, सिंगवाल, कसान, करोड़ी, उचाना, उजाना, करोड़ा आदि गांव के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। भाग लेने वालों में नैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, मेघराज उजाना, रामदिया सिंगवाल, बिरजू किरोड़ी, जोगिन्द्र कसान, जाखौली सरपंच रूलिया राम, रघुवीर नैन, राजा राम, भक्त सिंह, चन्दन, रामचन्द्र, छैल्लू, जयभगवान, कली राम जाखौली, गंगाराज करोड़ा, मनी राम कादियान जाखौली, कर्मवीर सरपंच करोड़ा समेत अन्य लोगों ने भाग लिया।
पंचायत में मृतक मनोज के मामा को गांव धनोदा से भी बुलाया गया था जिसकी मार्फत यह समझौता होना था। पंचायत में उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि लड़के की मां चंद्रवती, बहन सीमा आदि इस हत्याकांड को लेकर राजीनामा करते हैं तो उनका गांव द्वारा जारी बहिष्कार वापस ले लिया जाएगा। उन्हें गांव में पहले की तरह पूरा मान सम्मान मिलेगा।
पंचायत में इस मामले में सोच-विचार करने के बाद कुछ लोग मृतक मनोज के घर गए तथा मां चंद्रवती व बहन सीमा को इस राजीनामे से अवगत कराया। राजीनामे की बात सुनते ही मनोज की मां चन्द्रवती व बहन सीमा आग बबूला हो र्गई और उन्होंने साफ कह दिया कि किसी भी कीमत पर यह समझौता नहीं होगा।
सीमा ने कहा कि इस मामले की जांच मधुबन के क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार कर रहे हैं। उन्होंने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। इस हत्याकांड से जुड़े कुछ लोग अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है और एक दिन आरोपियों को जेल जाना होगा।
मनोज के परिजनों से दो टूक जवाब सुनने के बाद समझौते का प्रस्ताव लेकर आए लोग बैरंग लौट गए।
गौरतलब है कि इस गांव के मनोज व बबली ने आपस में लव मैरिज की थी और हाईकोर्ट से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस पर हाईकोर्ट ने कैथल पुलिस को इन दोनों की सुरक्षा की जिम्मेवारी सौंपी थी परन्तु उसके बावजूद इन दोनों की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। इसका आरोप मनोज के परिजनों ने लड़की बबली के परिजनों, रिश्तेदारों व गांव वालों पर लगाया था। यह मामला आज भी न्यायालय में चल रहा है।