bhaskar Web English
HomeNewsHaryanaPanipat Panipat

हरियाणा: मरणोपरांत दो बच्चों को मिलेगा बहादुरी पुरस्कार

गुड़गांव.हरियाणा के दो बच्चों को मरणोपरांत राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उनके अभिभावकों को यह पुरस्कार 26 जनवरी को प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह देंगे। वर्तमान में गुड़गांव तथा मूल रूप से हिसार के हाजमपुर निवासी मोहन सूरी के 9 वर्षीय बेटे सूरज तथा साढ़े छह वर्षीय अभिषेक की 22 मार्च 2007 को उस समय मौत हो गई थी जब वे पानी में डूब रहे साढ़े चार वर्षीय लक्की की जान बचा रह थे। दोनों बच्चे लक्की की जान बचाने में तो सफल रहे, मगर अपनी जान की बाजी हार गए।

छुट्टी में गांव गए थे:

सूरज गुड़गांव के अतुल कटारिया मेमोरियल स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था, जबकि अभिषेक ने गुड़गांव के ही एल्पाइन स्कूल में पहली कक्षा की परीक्षा दी थी। स्कूलों की छुट्टी होने के कारण ये दोनों बच्चे अपने पैतृक गांव गए हुए थे। 22 मार्च की सुबह जब सूरज और अभिषेक ने अपनी बुआ के साढ़े चार वर्षीय बेटे लक्की को पानी की डिग्गी में डूबते देखा तो इन दोनों ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी।

डिग्गी में पानी की गहराई अधिक होने के बावजूद भी सूरज और अभिषेक ने किसी तरह लक्की को पानी से बाहर निकाल दिया, मगर वे खुद पानी से बाहर निकलने में सफल नहीं हो पाए और दोनों की पानी में डूबने से मौत हो गई।

सूरज और अभिषेक की बहादुरी के लिए इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर ने इन दोनों बच्चों को मरणोपरांत राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार दिलाएगी। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह 26 जनवरी को अभिषेक और सूरज के पिता मोहन सूरी को यह पुरस्कार देंगे।

इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर की ओर से मोहन सूरी को भेजे गए पत्र क्रमांक आईसीसीडब्ल्यू/एनबीए-1/2007/2635 में कहा गया है कि सूरज और अभिषेक की बहादुरी को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

यह पुरस्कार प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा दिया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि इस दौरान मोहन सूरी को दिल्ली आने जाने का किराया व रहने की व्यवस्था भी निशुल्क कराई जाएगी। मोहन सूरी यहां से 17 जनवरी को दिल्ली के लिए रवाना होंगे और 10 दिन तक यहां रहेंगे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: