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Indians Abroad Indians Abroad बीजिंग.प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीन में व्यापार कर रहे भारतीय उद्योगों की चिंता जाहिर हुए कहा कि बड़े व्यापार, निवेश और आर्थिक अंत:क्रियाओं के लिए बेहतर सुविधा मुहैया करने हेतु दोनों देशों को मिलजुलकर काम करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने भारत चीन व्यापार और निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापार का एक सुखद वातावरण तैयार करने के लिए नन टैरिफ बैरियर, आपीआर प्रोटेक्शन और बाजार से जुड़ी एक्सचेंज रेट जैसे मुद्दों को हल करना जरूरी है।
भारत और चीन की अर्थव्यवस्था को विश्व अर्थव्यवस्था का ईंजन करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त लाभ के लिए हमें अपने प्राकृतिक और मानव संसाधन के साथ ही तकनीकी और पूंजी का समुचित उपयोग करना चाहिए।
पिछले दो सालों में भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 तक 20 बिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा गया था जिसे दो साल पूर्व ही हासिल कर लिया गया और अब वर्ष 2010 तक के लिए द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य 40 बिलियन डॉलर रखा गया है।